Valentine’s Day नहीं, अब ट्रेंड में Anti-Valentine’s Day: आखिर महिलाओं को क्यों भा रहा है ये सेलिब्रेशन?

नई दिल्ली। हर साल 14 फरवरी को जहां दुनिया भर में प्यार और रिश्तों का जश्न मनाया जाता है, वहीं अब एक अलग तरह का ट्रेंड तेजी से उभर रहा है—एंटी-वैलेंटाइन डे। यह सेलिब्रेशन खासतौर पर उन लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है जो सिंगल हैं, हाल ही में ब्रेकअप से गुजरे हैं या फिर रोमांस के इस पारंपरिक माहौल से दूरी बनाना चाहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड महिलाओं के बीच तेजी से अपनी जगह बना रहा है। सवाल है—आखिर ऐसा क्यों?

क्या है एंटी-वैलेंटाइन डे पार्टी?

एंटी-वैलेंटाइन डे का मतलब प्यार का विरोध करना नहीं है, बल्कि यह सेल्फ लव, आत्मसम्मान और दोस्ती का जश्न मनाने का तरीका है। इस दिन आयोजित होने वाली पार्टियां पारंपरिक कैंडल लाइट डिनर से बिल्कुल अलग होती हैं। जहां वैलेंटाइन डे पर लाल गुलाब और रोमांटिक गानों का बोलबाला रहता है, वहीं यहां डार्क कलर्स, खासकर काले रंग की थीम देखने को मिलती है और प्लेलिस्ट में ब्रेकअप एंथम और इंडिपेंडेंस सॉन्ग्स छाए रहते हैं। कई जगह इसे ‘गैलेंटाइन डे’ के तौर पर भी मनाया जाता है, जहां महिलाएं अपनी करीबी सहेलियों के साथ मिलकर इस दिन को खास बनाती हैं।

महिलाओं को क्यों पसंद आ रहा है यह दिन?

सिंगल होने के दबाव से आजादी—जैसे-जैसे वैलेंटाइन डे नजदीक आता है, समाज में यह धारणा मजबूत होने लगती है कि अगर आप रिलेशनशिप में नहीं हैं तो शायद कुछ कमी है। एंटी-वैलेंटाइन डे इस सोच को चुनौती देता है। यह महिलाओं को यह एहसास दिलाता है कि उनकी पहचान और खुशी किसी रिश्ते पर निर्भर नहीं है। वे अकेले रहकर भी पूरी तरह संतुष्ट और सफल हो सकती हैं।

फीमेल बॉन्डिंग का जश्न—अक्सर रोमांटिक रिश्तों के चलते दोस्ती पीछे छूट जाती है। यह दिन महिलाओं को अपनी सहेलियों के साथ बिताए गए पलों को सेलिब्रेट करने का मौका देता है। जीवन के मुश्किल दौर में अक्सर महिला मित्र ही मजबूती से साथ खड़ी रहती हैं, और यह दिन उसी साथ को सम्मान देने का जरिया बन गया है।

सेल्फ-लव की ओर कदम—एंटी-वैलेंटाइन डे महिलाओं को खुद को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है। किसी और से गिफ्ट या सरप्राइज की उम्मीद करने के बजाय, महिलाएं खुद को स्पा ट्रीटमेंट देती हैं, अपनी पसंद का खाना ऑर्डर करती हैं या खुद को कोई खास तोहफा देकर आत्मप्रेम का संदेश देती हैं। मानसिक स्वास्थ्य के नजरिए से इसे एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

रूढ़ियों को चुनौती—पारंपरिक तौर पर वैलेंटाइन डे पर महिलाओं को प्रपोजल या गिफ्ट पाने वाली भूमिका में दिखाया जाता रहा है। एंटी-वैलेंटाइन डे इस धारणा को तोड़ते हुए महिलाओं को यह संदेश देता है कि उनकी खुशी और फैसले उनके अपने हाथ में हैं। यह सेलिब्रेशन आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को केंद्र में रखता है।

कैसी होती है एंटी-वैलेंटाइन डे पार्टी?

एंटी-वैलेंटाइन डे की पार्टियां पारंपरिक रोमांटिक आयोजनों से बिल्कुल अलग और लीक से हटकर होती हैं।

ड्रेस कोड—अक्सर काले या गहरे रंगों की थीम रखी जाती है, जो इस दिन को पारंपरिक रेड-थीम सेलिब्रेशन से अलग पहचान देती है।

एक्टिविटीज—पार्टियों में मजाकिया गेम्स, डांस और म्यूजिक के साथ-साथ कई लोग अपनी पुरानी यादों, जैसे एक्स पार्टनर की तस्वीरें या गिफ्ट्स, को अपनी जिंदगी से हटाने का प्रतीकात्मक कदम भी उठाते हैं।

मेन्यू—हार्ट शेप केक और रोमांटिक डिनर की जगह यहां फनी कोट्स वाले केक, थीम बेस्ड स्नैक्स और हल्के-फुल्के अंदाज में तैयार किया गया मेन्यू देखने को मिलता है।

कुल मिलाकर, एंटी-वैलेंटाइन डे अब सिर्फ एक रिएक्शन नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट बनता जा रहा है—खुद से प्यार करने, दोस्ती को महत्व देने और सामाजिक दबावों से मुक्त होकर जिंदगी जीने का स्टेटमेंट।

Related posts