नई दिल्ली: यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला होने के बाद बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया, हालांकि उस पर सवार सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें 13 भारतीय नागरिक और एक यमनी नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हमले के बाद डूबा भारतीय झंडे वाला जहाज
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के निकट लाल सागर में भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज एमएसवी फैज़ नूर ओलिया पर हमला हुआ। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया। मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है। साथ ही बचाव अभियान में सहयोग के लिए यमन के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया गया।
कमर्शियल जहाजों पर हमले पर जताई चिंता
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि लाल सागर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री व्यापार जल्द से जल्द सामान्य होना आवश्यक है।
यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने चलाया बचाव अभियान
जानकारी के अनुसार, यमन सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने बताया कि अल-हुदैदाह के दक्षिण में करीब 13 नॉटिकल मील की दूरी पर जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद वह डूब गया। इसके बाद यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बचाए गए लोगों में 13 भारतीय नाविक और एक यमनी नागरिक शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
लाल सागर में बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं फिर बढ़ने लगी हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
इससे पहले 20 जुलाई को हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी। इसके जवाब में सऊदी अरब ने अपने जहाजों को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।
