नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दो वर्षों बाद पहली बार मीडिया से लाइव संवाद करने जा रही हैं। उनके इस कार्यक्रम के ऐलान के बाद बांग्लादेश सरकार ने आपत्ति जताते हुए भारत से इस आयोजन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि यह एक निजी कार्यक्रम है और इससे सरकार का कोई संबंध नहीं है।
दो साल बाद पहली बार मीडिया से करेंगी सीधा संवाद
अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना देश छोड़कर भारत आई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं और अब बुधवार को वर्चुअल माध्यम से विदेशी पत्रकार क्लब के एक कार्यक्रम में शामिल होकर मीडिया के सवालों का जवाब देंगी। भारत आने के बाद यह पहला अवसर होगा जब वह सीधे मीडिया से संवाद करेंगी। इससे पहले वह केवल लिखित बयान जारी करती रही हैं।
बांग्लादेश सरकार ने जताई आपत्ति
शेख हसीना के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश सरकार ने नाराजगी व्यक्त की है। विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक भगोड़े नेता को भारत में राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ भविष्य को ध्यान में रखकर संबंध आगे बढ़ाना चाहता है और इस तरह की गतिविधियां दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर सकती हैं।
भारत ने बताया निजी कार्यक्रम
बांग्लादेश की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पूरी तरह निजी कार्यक्रम है और सरकार का इससे कोई संबंध नहीं है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया मीडिया संस्थानों और शेख हसीना के बीच सीधे तय की गई है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है और किसी भी साक्षात्कार में शामिल होना या नहीं होना उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
राजनीतिक असर को लेकर बढ़ी चर्चा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मीडिया के सामने आकर शेख हसीना अपने खिलाफ लगे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रख सकती हैं और बांग्लादेश की जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने का प्रयास कर सकती हैं। माना जा रहा है कि यही वजह है कि ढाका इस कार्यक्रम को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मिली है सजा
इससे पहले बांग्लादेश की एक ट्रिब्यूनल ने जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित हिंसक कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में शेख हसीना को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि शेख हसीना इन सभी आरोपों से लगातार इनकार करती रही हैं।
प्रत्यर्पण की मांग पर कायम है बांग्लादेश
बांग्लादेश सरकार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कई बार दोहरा चुकी है और इस संबंध में औपचारिक अनुरोध भी कर चुकी है। हालांकि भारत में अब तक इस मामले में कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, यदि शेख हसीना स्वयं बांग्लादेश लौटने का फैसला करती हैं तो स्थिति अलग हो सकती है। हाल ही में उन्होंने एक साक्षात्कार में संकेत दिया था कि वह दिसंबर में अपने देश लौटने पर विचार कर सकती हैं।
