अयोध्या में दीपोत्सव-2026 की भव्य तैयारी, 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य; 35 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक संभालेंगे जिम्मेदारी

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस बार 30 लाख से अधिक दीप सजाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार से अधिक स्वयंसेवक जुटेंगे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी पर मुख्य यजमान के रूप में मां सरयू और प्रभु श्रीराम का विधिवत पूजन-अर्चन किया और दीपोत्सव के निर्विघ्न आयोजन की कामना की।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां सरयू का पूजन

राम की पैड़ी स्थित सरयू मंदिर में पुजारी पं. नेत्रजा मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इस दौरान दीपोत्सव की सफलता और आयोजन के मंगलमय होने की प्रार्थना की गई। सरयू पूजन के साथ ही रामनगरी में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर आस्था और उत्साह का माहौल नजर आया।

सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है दीपोत्सव

पूजन के बाद कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि दीपोत्सव सनातन संस्कृति की आभा, जन-जन की आस्था और सामूहिक निष्ठा का महापर्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद और स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम से अयोध्या एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

कुलपति के अनुसार, श्रीरामलला के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद देश-दुनिया की निगाहें अयोध्या के दीपोत्सव पर रहती हैं। यह आयोजन रामनगरी की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक ऊर्जा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक का सजाया दीप आस्था और राष्ट्रभक्ति के संकल्प का प्रतीक है।

दीप सजाने से लेकर समय प्रबंधन तक का प्रशिक्षण

दीपोत्सव को सुव्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और विभागों में स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें निर्धारित ग्रिड के अनुसार दीप सजाने, तेल और बाती का प्रबंधन करने तथा तय समयसीमा में काम पूरा करने की जानकारी दी जा रही है।

इसके साथ ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में किसी तरह की बाधा न आए।

35 हजार से अधिक स्वयंसेवक निभाएंगे जिम्मेदारी

कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार 30 लाख से अधिक दीप सजाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन और दीपोत्सव समितियां घाटों पर मार्किंग, दीपों के आवंटन और तेल की व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही हैं।

आयोजन में विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर, संबद्ध महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के 35 हजार से अधिक स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। कुलपति ने उम्मीद जताई कि सभी के सामूहिक प्रयास से अवध विश्वविद्यालय अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। दीपों की जगमगाहट के माध्यम से अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान और सनातन परंपरा की भव्यता को विश्वभर में प्रदर्शित करने की तैयारी है।

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