लखनऊ: उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए योगी सरकार निवेश आकर्षित करने की दिशा में प्रयास तेज कर रही है। इसी कड़ी में 26 अक्टूबर को लखनऊ के सेंट्रम होटल में यूपी जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समिट का उद्घाटन करेंगे। आयोजन के दौरान 15 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने और संभावित निवेशकों को पांच लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) जारी करने की योजना है।
आईआईटी कानपुर एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से इन्वेस्ट यूपी और एचसीएलटेक के सहयोग से आयोजित इस समिट में जीसीसी क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के हितधारकों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, कौशल विकास और वैश्विक कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने तथा उसका विस्तार करने की संभावनाओं पर मंथन होगा।
2031 तक 500 से अधिक जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2031 तक राज्य में 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं, सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में राज्य के भीतर 200 से अधिक जीसीसी संचालित हैं। सरकार नए निवेश को आकर्षित करने के साथ मौजूदा केंद्रों के विस्तार को भी प्रोत्साहित करना चाहती है।
उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति-2024 के तहत पात्र निवेशकों को निर्धारित प्रावधानों और शर्तों के अनुसार 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी और 50 प्रतिशत तक भूमि सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य निवेश परियोजनाओं की व्यवहार्यता बढ़ाना और उच्च मूल्य वाली व्यावसायिक सेवाओं, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
समिट में जीसीसी के उभरते कारोबारी मॉडल, एआई आधारित बदलाव, उन्नत तकनीक और विशेष कौशल की बढ़ती मांग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही भारत में अपना परिचालन शुरू करने या मौजूदा कारोबार का विस्तार करने की इच्छुक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा।
नोएडा के साथ लखनऊ भी बन रहा जीसीसी निवेश का केंद्र
नोएडा और ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे के चलते जीसीसी निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। वहीं, लखनऊ भी प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, नवाचार और वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
आईआईटी कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और आईआईआईटी लखनऊ जैसे संस्थान उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने, उन्नत कौशल विकास तथा एआई आधारित उद्योगों के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। समिट के दौरान उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 13 शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर
यूपी जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का उद्देश्य राज्य में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देना, उच्च मूल्य वाले रोजगार के अवसर पैदा करना और उत्तर प्रदेश को वैश्विक कारोबारी नेटवर्क से जोड़ना है। सम्मेलन के जरिए प्रौद्योगिकी, नवाचार और ज्ञान आधारित सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने पर जोर रहेगा।
यह पहल राज्य की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
