लखनऊ/उत्तर प्रदेश में अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए चर्चित रहे पूर्व आईएएस अधिकारी बीएन सिंह ने अब राजनीति में कदम रखने की इच्छा जाहिर की है। एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें अवसर मिला तो वह विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे।
पश्चिमी यूपी से चुनाव लड़ने की इच्छा
बीएन सिंह ने कहा कि यदि मौका मिला तो वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद से लेकर गाजियाबाद तक किसी भी क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वे किस राजनीतिक दल से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
रिटायरमेंट के बाद सक्रिय राजनीति की ओर रुझान
वे वर्ष 2025 में सचिव, सामान्य प्रशासन पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद अब उनके राजनीति में आने की चर्चा तेज हो गई है, खासकर उनके इस बयान के बाद कि वे “मौका मिलने पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं।”
बिल्डरों पर NSA लगाने से बने थे चर्चा में
बीएन सिंह अपने कार्यकाल में उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने देश में पहली बार बिल्डरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की थी। इस फैसले ने उन्हें सख्त और निर्णायक अफसरों की सूची में ला दिया था।
सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए पहचाने जाते रहे
अपने पूरे करियर में वे कड़े प्रशासनिक निर्णयों के लिए जाने जाते रहे। 1994 में मथुरा से पीसीएस अधिकारी के रूप में सेवा शुरू करने वाले बीएन सिंह ने कई जिलों में प्रभावी कार्रवाई की और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए कदम उठाए।
जेवर एयरपोर्ट और भूमि अधिग्रहण में बड़ी भूमिका
गौतम बुद्ध नगर के डीएम रहते हुए उन्होंने जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए करीब 3500 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिलवाया और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा कराया।
अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई
अपने कार्यकाल में उन्होंने अवैध रेत खनन, बिल्डर-भूमाफिया नेटवर्क और सरकारी भूमि घोटालों पर सख्त कार्रवाई की। कई मामलों में गैंगस्टर एक्ट और कुर्की की कार्रवाई भी की गई।
प्रशासनिक नवाचारों के लिए भी जाने जाते हैं
परिवहन आयुक्त रहते हुए उन्होंने फेसलेस सेवाओं, एआई आधारित रोड सेफ्टी सिस्टम और डिजिटल सेवाओं जैसी कई तकनीकी पहलें शुरू कीं, जिससे विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी।
अब राजनीति में नई पारी की तैयारी
सख्त अफसर की छवि के बाद अब बीएन सिंह राजनीति में एंट्री के संकेत देकर चर्चा में आ गए हैं। हालांकि उनका अगला कदम किस पार्टी के साथ होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
