मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत सुस्त और उतार-चढ़ाव भरी रही। वैश्विक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर शुरुआती कारोबार में साफ नजर आया।
शुरुआती घंटों में बीएसई का सेंसेक्स 34.49 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 78,023.17 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई का निफ्टी 17.15 अंकों की गिरावट के साथ 24,179.60 पर फिसल गया। बाजार के व्यापक रुख की बात करें तो करीब 1,628 शेयरों में तेजी रही, जबकि 738 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 168 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
चुनिंदा दिग्गज शेयरों में दिखी मजबूती
आज के कारोबार में कुछ बड़े शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। आईटीसी, एनटीपीसी, ट्रेंट, ओएनजीसी और अदानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जिससे बाजार को सीमित समर्थन मिला। इन शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और इन्होंने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई।
आईटी सेक्टर पर दबाव, कई दिग्गज लाल निशान में
वहीं दूसरी ओर आईटी सेक्टर में कमजोरी का माहौल रहा। विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एचडीएफसी लाइफ और टाटा कंज्यूमर जैसे शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की तेजी सीमित रही।
इन स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर
रेल विकास निगम (RVNL) को लेकर बाजार में सकारात्मक खबर सामने आई है। कंपनी भद्रक-विजयनगरम सेक्शन के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनी है। करीब 967.92 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है।
एक्सिस बैंक पर भी निवेशकों की नजर टिकी हुई है। बैंक का बोर्ड 25 अप्रैल को फंड जुटाने के विकल्पों पर विचार करेगा। इसी दिन बैंक अपने तिमाही और सालाना नतीजे भी घोषित करेगा, जिससे शेयर में हलचल संभव है।
बिजली क्षेत्र की कंपनी CESC ने चार कंपनियों के साथ विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स के लिए बिजली खरीद समझौते किए हैं, जो इसके भविष्य के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
वहीं कल्याणी स्टील्स को लेकर खबर है कि कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी बाल मुकुंद माहेश्वरी ने इस्तीफा दे दिया है, जो 8 मई से प्रभावी होगा। इस घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल है और निवेशक वैश्विक संकेतों के साथ कंपनियों के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
