धर्मांतरण व नशे के माध्यम से फिर प्रहार करेंगे विदेशी, हमें सतर्क व चैतन्य रहना होगा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Yogi Adityanath speech Jhajjar,Foreign threat conversion and drugs India,Santan Dharma protection Yogi Adityanath,Uttar Pradesh CM Jhajjar event,Anti-drugs anti-conversion campaign India,Yogi Adityanath warns on religious conversion,Nath tradition event Haryana,Hindu unity message Yogi

हरियाणा के झज्जर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह व आठमान का भव्य भंडारा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी की संतों से अपील- हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद, नशा के खिलाफ उठनी चाहिए आवाज

भारत, विश्व मानवता और चराचर जगत की रक्षा के लिए सनातन धर्म की रक्षा आवश्यकः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

झज्जर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों के समक्ष दो बातें रखीं और समाज को चेताया। उन्होंने आगाह किया कि जब स्वर्णयुग आता है तो चैतन्य व सतर्क रहने की प्रेरणा देता है। जब भारत का स्वर्णयुग आया था तब विदेशी हमले होने भी प्रारंभ हो गए थे। हमें फिर से सतर्क रहना होगा। आज भी धर्मांतरण व नशा के माध्यम से हमला होगा और इसके पीछे विदेशियों का हाथ होगा। कोई भी सनातन विरोधी कार्य स्वीकार नहीं होना चाहिए।

भारत, विश्व मानवता और चराचर जगत की रक्षा के लिए सनातन धर्म की रक्षा आवश्यक है। सनातन तभी सुरक्षित रहेगा, जब हम एक रहेंगे। बंटना नहीं है, बंटेंगे तो कटेंगे। जब-जब बंटे हैं, तब-तब यही हुआ है। जाति, तुष्टिकरण, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटना नहीं है, बल्कि अयोध्या रामजन्मभूमि पर जैसे धर्मध्वजा फहरा रही है, वैसे ही एकजुट होकर भारत के सनातन धर्म की ध्वजा पताका हर सनातनी के घर पर लहराती दिखनी चाहिए।

यह भी पढ़ें ; यूपी में अभी तक 61 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का कार्य हुआ पूर्ण

मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ रविवार को कबलाना गांव में बाबा पालनाथ आश्रम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह व आठ मान का भव्य भंडारा में सम्मिलित हुए। यहां सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ, बाबा पालनाथ, उनके गुरु भाई व इस परिवार से जुड़े योगेश्वरों, शिव परिवार, बजरंग बली की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि देश में भारत की सोच के अनुरूप सरकारें हैं। हरियाणा में भी डबल इंजन सरकार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भी विकास के नए प्रतिमान को स्थापित करते हुए बढ़ रहा है। सीएम ने प्रार्थना की कि सुख-शांति का माहौल बने, लोग प्रगति करें और परिवार में खुशहाली आए।

किसी न किसी रूप में नशे का कारोबार भारत में फैलाना चाहता है हमारा दुश्मन
सीएम योगी ने कहा कि नशा के खिलाफ प्रहार करना है। नशा कारोबारी व्यवस्था को खोखला बनाने का कार्य कर रहे हैं। नशा नाश का कारण है। यह सोचने का सामर्थ्य समाप्त कर देती है। हमें युवाओं, वर्तमान पीढ़ी व समाज को नशे से बचाना होगा। हमारा दुश्मन किसी न किसी रूप में नशा का कारोबार भारत में फैलाना चाहता है। सीमा पार से लगातार ऐसी शरारतें हो रही हैं। हम जाने-अनजाने इसकी चपेट में कतई न आने पाएं, वरना भावी पीढ़ी व भविष्य हमें माफ नहीं करेगा।

हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद, नशा के खिलाफ उठनी चाहिए आवाज
सीएम ने संतों व योगेश्वरों से अपील की कि हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद, नशा के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। जो वर्तमान को खोखला बना रहा हो और भावी पीढ़ी के भविष्य को अंधकार की तरफ धकेल रहा हो, उसे कतई बर्दाश्त नहीं करना है, बल्कि उसके खिलाफ अभियान चलाना होगा। सीएम ने कहा कि नाथ संप्रदाय के गृहस्थ योगी यहां सारंगी बजाकर अभिवादन कर रहे थे, यह नाथ सिद्धों व योगेश्वरों के जनजागरण का पुराना तरीका है। वे गांव-गांव जाकर जनजागरण पैदा करते थे। यह लोगों को समाज के अनुरूप आचरण करने, देखने, चलने, संकट से बचाने, समाज को संगठित करने का माध्यम था। पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में बड़े पैमाने पर यह कार्य होते थे।

सनातन धर्म की परंपरा दुनिया में सबसे प्राचीन
सीएम योगी ने कहा कि भारत के सनातन धर्म की परंपरा दुनिया में सबसे प्राचीन है। इस परंपरा ने मानव को मानव बनाने और चराचर जगत के कल्याण का मार्ग अपनी साधना- सिद्धि के माध्यम से प्रशस्त किया था। अलग-अलग उपासना विधियां, पंथ व संप्रदाय के रूप में सनातन धर्म के अलग-अलग दर्शन व उससे उपजी ज्ञान की नई पद्धतियों का आधार रहा है।

यह भी पढ़ें : चुनाव आयोग ने एसआईआर की अंतिम तारीख 11 दिसंबर तक बढ़ाई , मुरादाबाद में कर्मचारी की आत्महत्या से सनसनी

य़ह ज्ञान की विशिष्ट पद्धति को आगे बढ़ाने और समाज का मार्गदर्शन करने वाली है। व्यक्ति जिस प्रकृति का है, उसके अनुरूप साधना पद्धतियों का विकास व दर्शन देने की पद्धतियां रही हैं। सनातन धर्म की इसी गौरवशाली परंपरा में नाथ संप्रदाय का अपना योगदान है। इस परंपरा की शुरुआत ही आदिनाथ भगवान शिव से हुई है।

पूरे देश में देखने को मिलती है भगवान शिव की उपासना
सीएम योगी ने कहा कि भारत के अंदर आदिनाथ भगवान शिव की उपासना निराकार ब्रह्म के प्रतीक के रूप में पूरे देश में (उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम) देखने को मिलती है। कैलाश में विराजमान कैलाशवासी भगवान शिव हों या रामेश्वरम में विराजमान भगवान रामेश्वर, यह सभी शिव के वे रूप हैं, जो भारत की एकात्मता का भी प्रदर्शन करते हैं। नाथ संप्रदाय के योगियों ने सनातन धर्म की इन्हीं शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 12 अलग-अलग उपपंथों के माध्यम से इसे सर्वसुलभ करने और अपने सिद्ध-योगेश्वरों व योगियों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया।

आपसी मिलन का अवसर प्रदान करता है भंडारा
सीएम योगी ने कबलाना गांव में आयोजित भंडारे में जमावड़ा देख इसे अद्भुत, अभिनंदनीय व अविस्मरणीय बताते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह भंडारा कार्यक्रम नाथ संप्रदाय की परंपरा में ईष्ट को स्मरण करने, कृतज्ञता ज्ञापित करने और आपसी मिलन का भी अवसर प्रदान करता है। सीएम ने कहाकि इस कार्यक्रम ने प्रयागराज महाकुम्भ का स्मरण करा दिया है।

कबलाना गांव, झज्जर में भी आज दिव्य-भव्य ‘महाकुम्भ’ का दर्शन भी हो रहा है। ऐसे आयोजन आपस में मिलने, सनातन धर्म, नाथ के योगेश्वरों के शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार, योग, ध्यान व प्राणायाम के माध्यम से खुद स्वस्थ बनकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में दिए जाने वाले योगदान को जानने का अवसर है। सीएम ने कहा कि यहां मौजूद अधिकांश योगेश्वर एकांत में वास करने वाले हैं। यह आश्रम में एकांतिक साधना में लीन रहते हैं। यदा-कदा ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में रहते हैं।

धर्मध्वजा देता है संदेश, सम-विषम परिस्थितियों में सनातन धर्म अपनी पताका को ऊंचा रखेगा
सीएम योगी ने कहा कि सनातन की विजय कैसे आगे बढ़ती है, यह 25 नवंबर को देखा होगा। जब हम एक साथ सोचते, बोलते और चलते हैं तो उसका परिणाम भी ऐसे ही आता है। जहां धर्म होगा, वहां विजय होगी। अयोध्या धाम में पीएम मोदी के कर कमलों से श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य भगवा सनातनी ध्वज को फहराते हुए देखा होगा।

मंदिरों पर फहराया गया ध्वज भारत के सनातन धर्म की परंपरा का प्रतीक है। य़ह केवल वस्त्र नहीं है, बल्कि आसमान की ऊंचाइयों को छूते हुए यह संदेश देता है कि सम-विषम परिस्थितियों में सनातन धर्म अपनी पताका को ऊंचा रखेगा। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्ष बाद यह अवसर आया था। 9 नवंबर 2019 को माननीय उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से फैसला दिया कि अयोध्या में जहां रामलला विराजमान हैं, वही प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि है और वहीं मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया।

इस दौरान बाबा मस्तनाथ पीठ रोहतक के महंत व विधायक योगी बालक नाथ, महंत नरहरिनाथ जी महाराज, महंत चेताईनाथ जी महाराज, महंत राजनाथ जी महाराज, लहरनाथ जी महाराज, पूर्णनाथ जी महाराज, शेरनाथ जी, जटाईनाथ जी, कृष्णनाथ जी महाराज, समुद्रनाथ जी महाराज, विधायक सुनील सांगवान, उमेद पातुवास आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : हजरतगंज के वजीर हसन रोड पर 440 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा अत्याधुनिक मण्डलीय कार्यालय

Related posts