चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति और कारोबारी जगत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कैबिनेट मंत्री और उद्योगपति संजीव अरोड़ा के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए उनके आवास और दफ्तर सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है। सुबह-सुबह लुधियाना स्थित उनके घर पर ईडी की टीम पहुंची, जहां सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय बल भी तैनात किया गया।
करीबियों के ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत संजीव अरोड़ा के साथ उनके कारोबारी सहयोगियों के परिसरों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। लुधियाना के कारोबारी हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल के घर और दफ्तरों पर भी ईडी ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई एक संगठित तरीके से कई शहरों में एक साथ की गई।
संजीव अरोड़ा ने खुद इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ईडी द्वारा उनके परिसरों में तलाशी ली गई है। उन्होंने कहा कि वह एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और उन्हें भरोसा है कि सच्चाई सामने आएगी।
FEMA के तहत कई शहरों में बड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत यह छापेमारी की है। गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में कुल 13 ठिकानों को निशाना बनाया गया। जांच एजेंसी ने मंत्री के आवास और दफ्तरों के अलावा उनके करीबी कारोबारियों के परिसरों की भी तलाशी ली।
ईडी के शुरुआती इनपुट के अनुसार, संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी पर जमीन के उपयोग में गड़बड़ी, शेयर बाजार में हेराफेरी, हवाला लेनदेन और विदेश से अवैध रूप से धन भारत लाने जैसे गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी अब इन आरोपों के समर्थन में दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
कंपनी और परिवार भी जांच के घेरे में
बताया जा रहा है कि संबंधित कंपनी के प्रबंध निदेशक उनके बेटे काव्य अरोड़ा हैं, जिनके ठिकानों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। एजेंसी का दावा है कि अवैध सट्टेबाजी और हवाला के जरिए आए पैसों को रियल एस्टेट सेक्टर में लगाया गया। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
कंपनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
संजीव अरोड़ा जिस कंपनी से जुड़े हैं, वह पहले एक अन्य नाम से जानी जाती थी और राज्य में बड़े स्तर पर रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सक्रिय है। इस कंपनी पर आरोप है कि जमीन के उपयोग में गैर-कानूनी बदलाव किए गए, शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए फर्जी बिक्री दिखाई गई, और शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया गया। इसके अलावा, विदेश से अवैध कमाई को भारत में लाने और उसे वैध दिखाने के लिए राउंड-ट्रिपिंग का भी शक जताया गया है।
दो दिन पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे ठीक दो दिन पहले भी ईडी ने आम आदमी पार्टी से जुड़े एक राज्यसभा सांसद के विभिन्न शहरों में स्थित करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में भी वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं की जांच की जा रही थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है।
