वाल्मीकि जयंती पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान बड़ा : सफाईकर्मियों के लिए करेंगे 35-40 लाख के दुर्घटना कवर की व्यवस्था

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वाल्मीकि जयंती पर सफाईकर्मियों के लिए बड़ा ऐलान किया । उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज की सुरक्षा समाज की सुरक्षा है। सफाई, संविदा कर्मचारी को अब आउटसोर्सिंग कंपनी नहीं बल्कि सरकार का कॉरपोरेशन सीधे अकाउंट में पैसा देगा। स्वच्छता कर्मियों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा का कवर भी देंगे। जब अकाउंट में कॉरपोरेशन से पैसा आएगा तो यह व्यवस्था करेंगे कि यदि किसी सफाई कर्मी के साथ घटना- दुर्घटना हुई या वह आपदा की चपेट में आ गया तो बैंक से बात करेंगे कि बैंक के माध्यम से 35-40 लाख देने की व्यवस्था की जाए। यूपी के 80 हजार होमगार्ड को यह कवर दिया गया है। अब सफाई कर्मियों को इससे जोड़ने जा रहे हैं।

सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं। वाल्मीकि रामायण लिखते समय उन्होंने पूरी कथा को राम पर आधारित किया। उन्होंने यह भी बताया कि राम को क्यों आधार बनाया क्योंकि राम ही साक्षात धर्म हैं । उन्होंने राम के चरित्र को दिया, जो हर काल, देश, परिस्थिति में प्रासंगिक है। उन्होंने अपील की कि महर्षि वाल्मीकि का चित्र हर भारतीय के घर में होना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि रामायण काल में महर्षि वाल्मीकि, महाभारत काल में महर्षि वेदव्यास, मध्यकाल में सद्गुरु रविदास और देश जब आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तब बाबा साहेब समाज का मार्गदर्शन करते दिखाई देते थे । सभी की दृष्टि एक है। पीएम मोदी इसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत, सबका साथ और सबका विकास कहते हैं । रामराज्य वही है, जहां जाति, मजहब, संप्रदाय के नाम पर भेदभाव न हो । आज यही कार्य भाजपा की डबल इंजन सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा के समय में सफाई कर्मियों का शोषण होता था । इन्हें चार हजार भी नहीं मिलते थे लेकिन आज अच्छे मानदेय की व्यवस्था की गई है

सपा पर साधा निशाना
सीएम ने कहा कि 2012 में जब सपा सरकार आई थी तो सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी दी थी, तब भाजपा ने कहा था कि इन स्मारकों को तोड़ने वालों को यूपी की जनता तोड़कर रख देगी। आज यह लोग प्रत्येक प्रेसवार्ता में बाबा साहेब का स्मरण करते हैं, लेकिन तब सपा सरकार के मुख्यमंत्री ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहेब का नाम बदल दिया था । हमने फिर उसे बाबा साहेब के नाम पर रख दिया।

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लखनऊ का भाषा विश्वविद्यालय मान्यवर कांशीराम के नाम पर था, सपा ने उसे भी बदल दिया। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया । इनके दोहरे चेहरे हैं। यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं। उन्होंने कहा कि यह राम व कृष्ण का विरोध करते हैं। विपक्षी कहते थे कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं यानी इन्होंने महर्षि वाल्मीकि के प्रकट उत्सव पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया। जब प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि के नाम पर किया तब भी सपा ने विरोध किया। सीएम ने विश्वास जताया कि भगवान वाल्मीकि के आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए कार्य करेंगे।

बच्चों को पढ़ाने का किया आह्वान
सीएम ने वाल्मीकि समाज से कहा कि बच्चों को पढ़ाइए, स्कूल भेजिए । वे योग्य होंगे तो समाज में नेतृत्व प्रदान करेंगे। कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। परिवार के अभिभावक के रूप में मां बच्चे की गंदगी साफ करती है। आप समाज में उसी भूमिका में रहते हैं। आपकी महानता है कि उस कार्य से जुड़कर भी समाज में विद्वेष का भाव पैदा नहीं होने दिया। सबके साथ खड़े होकर समाज के लिए कार्य किया । विपरीत परिस्थितियों में अपमान झेलते हुए भी त्योहारों को बेहतर तरीके से संपन्न करने के लिए कार्य किया है। भगवान वाल्मीकि ने समाज के लिए समर्पित होने का भाव पैदा किया है। समर्पण का यही भाव एक भारत श्रेष्ठ भारत और राष्ट्र प्रथम से जोड़ता है।

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