यूपी विधानसभा में बवाल! हंगामे के बीच सिर्फ पांच मिनट बोल सके सीएम योगी, स्पीकर की सख्ती के बाद सदन स्थगित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू होते ही सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के विधायकों ने लगातार नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही बाधित हो गई। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब पांच मिनट ही अपनी बात रख सके। हालात बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सख्त रुख अपनाते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष का विरोध

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू करने के लिए खड़े हुए, विपक्षी विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का कहना था कि इस मुद्दे पर पहले चर्चा कराई जाए, जबकि सरकार निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बजट पर चर्चा आगे बढ़ाना चाहती थी। लगातार विरोध के चलते सदन का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

सीएम योगी ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि अनुपूरक बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता से जुड़े विकास और जनहित के मुद्दों के लिए लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महत्वपूर्ण वित्तीय विषय पर चर्चा करने के बजाय सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह का आचरण लोकतांत्रिक और संवैधानिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

स्पीकर की सख्ती, विधायक को पूरे सत्र के लिए किया बाहर

कार्यवाही के दौरान एक विपक्षी विधायक द्वारा मुख्यमंत्री से जुड़ी तस्वीर सदन में लहराए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी नाराजगी जताई। इसे सदन की मर्यादा के विपरीत बताते हुए उन्होंने संबंधित विधायक को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित करने का आदेश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना दोहराई गई तो विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई के साथ सदस्यता समाप्त करने तक का प्रस्ताव लाया जा सकता है।

लगातार हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित

विपक्ष की लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया। अनुपूरक बजट और अन्य विधायी कार्यों पर आगे की चर्चा अब अगली बैठक में होगी।

 

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