लखनऊ में कार के अंदर मिला जला शव, पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर की मौत पर हत्या का शक; उधारी के रुपये लेने निकले थे अलमास

लखनऊ: सीतापुर हाईवे पर सरैया बाजार के पास शुक्रवार देर रात कार में आग लगने के बाद मिले जले शव की पहचान पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर अलमास हक के रूप में हुई है। अलमास खुर्रमनगर के रहने वाले थे और करीब सात साल पहले मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर अमीनाबाद में दवा का कारोबार शुरू किया था। परिजनों के मुताबिक वह किसी से उधारी के रुपये लेने के लिए घर से निकले थे। ऐसे में परिवार ने रुपयों के विवाद में हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी तरह की लिखित शिकायत या आरोप की पुष्टि नहीं की है और हादसे समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

कार में जला मिला था शव

सीतापुर हाईवे पर सरैया बाजार के पास एक कार में अचानक आग लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार पूरी तरह जल चुकी थी और उसके अंदर एक व्यक्ति का जला हुआ शव पड़ा था। बाद में परिवार ने कार के आधार पर शव की पहचान अलमास हक के रूप में की।

अलमास के पिता हमीदुल हक, पत्नी इकरा और अन्य परिजनों ने शव की पहचान का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने डीएनए जांच भी कराई है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद पहचान की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

उधारी के रुपये लेने घर से निकले थे अलमास

अलमास के पिता के मुताबिक उनका बेटा दवा का कारोबार करता था। गुरुवार रात करीब नौ बजे वह अपनी पत्नी इकरा और तीन साल की बेटी को घर पर छोड़कर अकेले कार से निकले थे। परिवार के अनुसार उन्हें किसी व्यक्ति से उधारी के रुपये लेने थे और इसी सिलसिले में वह बीकेटी गए थे।

इसके बाद अलमास घर वापस नहीं लौटे। रात करीब 12:30 बजे परिवार को पुलिस के जरिए जानकारी मिली कि उनकी कार में आग लग गई है और अंदर एक जला हुआ शव मिला है।

पत्नी खाने पर करती रही इंतजार

अलमास की पत्नी इकरा ने बताया कि रात 10:49 बजे उन्होंने पति को फोन किया था और खाने के लिए घर आने को कहा था। अलमास ने थोड़ी देर में आने की बात कही थी। पत्नी उनके लौटने का इंतजार करती रहीं।

इकरा के मुताबिक रात करीब 11:30 बजे उन्होंने दोबारा फोन किया, लेकिन इस बार अलमास से संपर्क नहीं हो सका। इसके कुछ देर बाद ही कार में आग लगने की जानकारी परिवार को मिली।

स्टेयरिंग में फंसा मिला हाथ

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक कार हाईवे किनारे सफेद पट्टी पर खड़ी थी। आसपास करीब 200 मीटर के दायरे में कोई तिराहा, चौराहा या ऐसी दुकान नहीं थी जहां वाहन रुकने की सामान्य स्थिति हो।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अलमास का एक हाथ कार के स्टेयरिंग में फंसा हुआ था। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर कार में आग किस परिस्थिति में लगी और वह उससे बाहर क्यों नहीं निकल सके। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस बारे में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

कार में आग कैसे लगी, फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज

पुलिस अब कार में आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच करा रही है। पुलिस के मुताबिक फॉरेंसिक रिपोर्ट से आग लगने के कारणों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस के अनुसार गुरुवार रात करीब 11:30 बजे हाईवे किनारे खड़ी कार में आग लगी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में कार पूरी तरह जल गई। कार के भीतर मौजूद अलमास भी गंभीर रूप से झुलस गए और उनके शरीर की हड्डियां तक दिखाई दे रही थीं।

मोबाइल कॉल डिटेल और सीसीटीवी से जांच

एसीपी बीकेटी विकास कुमार पांडेय के मुताबिक अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि अलमास बीकेटी क्यों गए थे और घटना से पहले उनकी किन लोगों से बातचीत हुई थी।

पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि घटना से पहले या घटना के समय अलमास के साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं।

हत्या और हादसा दोनों पहलुओं पर जांच

पुलिस के सामने फिलहाल यह पता लगाना सबसे अहम है कि कार में आग हादसे के कारण लगी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी। परिवार ने रुपयों के विवाद में हत्या की आशंका जताई है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। मामले में हत्या और हादसा, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 

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