जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील का असर अब राज्यों की सरकारों पर भी दिखने लगा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों का उपयोग नहीं किया जाएगा और काफिले को न्यूनतम रखा जाएगा।
सीएम काफिले में कम होंगे वाहन
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखी जाए। इसके साथ ही सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी अपने दौरे के दौरान मितव्ययता अपनाने और कम से कम वाहनों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनावश्यक वाहन उपयोग पर रोक
राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर अनावश्यक वाहनों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित सभी विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया है कि सरकारी दौरों में संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए और ईंधन की बचत को प्राथमिकता दी जाए।
ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
सरकार ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाएं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है, ताकि ईंधन की बचत सुनिश्चित की जा सके।
पीएम मोदी की अपील का असर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम की जाए और जहां संभव हो वहां सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया जाए। उन्होंने कार-पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहनों और रेलवे परिवहन को प्राथमिकता देने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को भी बढ़ावा देने की सलाह दी थी।
देशभर में दिख रहा असर
पीएम मोदी की इस अपील के बाद देश के कई हिस्सों में बीजेपी नेताओं द्वारा भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते देखा गया है। कुछ नेता ई-रिक्शा में सफर करते नजर आए, तो कुछ ने स्कूटी का इस्तेमाल कर सादगी का संदेश दिया।
