लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और बाबरी मस्जिद को लेकर एक बार फिर बड़ा और बेबाक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अयोध्या में अब दोबारा कभी ‘बाबरी मस्जिद’ का निर्माण नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर के निर्माण को ऐतिहासिक न्याय बताते हुए उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो अभी भी विवादित ढांचे की दुहाई देते हैं। इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
इतिहास का कलंक मिट चुका है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि 6 दिसंबर 1992 को जो हुआ, उसने गुलामी के एक प्रतीक को हटा दिया था। उनके अनुसार, अयोध्या अब अपनी पौराणिक और गौरवशाली पहचान के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ किया कि जिस स्थान पर भगवान राम का भव्य मंदिर बन गया है, वहां अब किसी भी आक्रमणकारी के नाम पर कोई ढांचा खड़ा नहीं होने दिया जाएगा।
विरासत पर गर्व का संदेश
सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि किसी भी समाज को अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विजय का प्रतीक है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि देश अपनी पुरानी पहचान को पुनर्स्थापित करे और उन प्रतीकों को भुला दे जो विदेशी आक्रमणकारियों की याद दिलाते हैं।
कानून और संविधान के दायरे में फैसला
अपने बयान में योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद शीर्ष अदालत ने तथ्यों और सबूतों के आधार पर राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसलिए अब उस स्थान पर किसी अन्य निर्माण की बात करना न केवल तर्कहीन है, बल्कि देश की न्यायिक व्यवस्था का अपमान भी है।
विपक्ष और कट्टरपंथियों को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने उन राजनीतिक दलों और कट्टरपंथी संगठनों पर भी निशाना साधा जो मुस्लिम समुदाय के बीच बाबरी मस्जिद की यादों को जीवित रखकर अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज है और किसी भी प्रकार की अराजकता या धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विकास की नई राह पर अयोध्या
अंत में, सीएम ने अयोध्या के भविष्य का खाका पेश करते हुए कहा कि आज अयोध्या पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। वहां श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच रही है और शहर का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अयोध्या अब शांति, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के संगम के रूप में जानी जाएगी, न कि किसी विवादित इतिहास के रूप में।
