जैसलमेर। जैसलमेर में जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक निजी एसी स्लीपर बस में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इसमें 20 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में दो बच्चे और चार महिलाएं शामिल हैं। करीब 70 प्रतिशत झुलसे 16 लोगों को जोधपुर के मथुरादास अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का उपचार जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में जारी है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
जैसलमेर से जोधपुर जा रही बस में कुल 57 लोग सवार थे। पोकरण विधायक प्रताप पुरी ने हादसे में 20 मौतों की पुष्टि की है। कलेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि आठ मृतकों की पहचान हो गई है। सभी राजस्थान के ही निवासी थे। इनमें जोधपुर निवासी महेंद्र मेघवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। बाकी की पहचान में समय लग सकता है। उनकी पहचान डीएनए मिलान से की जाएगी।
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कलेक्टर ने मृतकों के स्वजनों से अपने डीएनए सैंपल देने की अपील की है। बस में पटाखे ले जाया जा रहा था। इसके पिछले हिस्से में शार्ट सर्किट से चिंगारी निकली, जो पटाखों तक पहुंच गई और आग फैल गई। आग लगने के बाद भी बस राजमार्ग पर दौड़ती रही। आग बस चालक तक पहुंचती, इसके पहले ही वह बस रोककर अपनी सीट से कूद गया। आग बुझाने के प्रयास में आसपास के ग्रामीणों ने पानी डालने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए।
जैसलमेर हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जैसलमेर बस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। ‘एक्स’ पर संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम रिश्तेदार को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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