‘नकली संसद में PM बन सकते हैं राहुल गांधी, असली संसद में मोदी ही रहेंगे’, हिमंत सरमा का तंज

नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए INDIA गठबंधन के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली तो नकली संसद का आयोजन कर उन्हें वहां प्रधानमंत्री बना दिया गया। सरमा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी मॉक पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन असली संसद में नरेंद्र मोदी ही इस पद पर बने रहेंगे।

राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की कोशिशों पर कसा तंज

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सोनिया गांधी की इच्छा थी कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन कोई कोशिश कामयाब नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि जब यह सपना पूरा नहीं हो सका तो कांग्रेस नेताओं ने मल्लिकार्जुन खरगे के आवास के लॉन में मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर ली।

सरमा के मुताबिक, इस प्रतीकात्मक संसद में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बना दिया गया, जबकि देश की वास्तविक संसद में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री हैं। उनका यह बयान विपक्ष के चुनाव आयोग विरोधी कार्यक्रम पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

CEC को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष का कार्यक्रम

हिमंत सरमा की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भाजपा तथा INDIA गठबंधन के बीच सियासी टकराव बढ़ा हुआ है।

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में अनियमितताओं और वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने पहले मॉक पार्लियामेंट में प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया और इसके बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की।

मॉक पार्लियामेंट में मीरा कुमार ने की थी अध्यक्षता

शनिवार को INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग से जुड़ा प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने की थी। इसमें विपक्ष के कई दलों के नेता शामिल हुए थे।

इस आयोजन के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर गड़बड़ियां हुईं और वास्तविक मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए।

रामलीला मैदान की रैली में जुटे विपक्ष के दिग्गज नेता

मॉक पार्लियामेंट के अगले दिन रविवार को INDIA गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली की। इसका प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियां थीं।

रैली में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए। नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध जताया।

विपक्ष का दावा है कि एसआईआर के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

शिमला में भी राहुल गांधी पर साधा था निशाना

इससे पहले रविवार को हिमंत बिस्वा सरमा ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व किया था। इस दौरान उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा और उन पर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

सरमा ने विपक्ष के चुनाव आयोग विरोधी अभियान पर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि राहुल गांधी इस मुद्दे के जरिए राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। एसआईआर को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच देशभर में जारी बयानबाजी के बीच उनका यह हमला सामने आया है।

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