मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र में एक बार फिर आंदोलन की तैयारी का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक दीपके और सीजेपी के अन्य नेता महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
रविवार को जारी विज्ञप्ति में सीजेपी ने कहा कि अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेता एमपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन में उनके साथ खड़े होंगे। इससे पहले कुछ अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज क्षेत्र स्थित दीपके के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी।
MPSC अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग
सीजेपी ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी के मुताबिक यदि 24 सितंबर तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो अभ्यर्थियों से बातचीत के लिए राज्यव्यापी दौरा किया जाएगा।
अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद जारी वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि वह और सीजेपी अभ्यर्थियों की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, तब तक उनका समर्थन जारी रहेगा।
प्रथमेश देशमुख की मौत के बाद तेज हुआ मामला
एमपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय प्रथमेश देशमुख की पुणे में मौत के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आया था। उसके पास मिले कथित सुसाइड नोट में करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख था। इसके बाद सीजेपी ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कदम उठाया।
अभिजीत दीपके ने इसी सप्ताह प्रथमेश देशमुख के परिजनों से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि देशमुख नौकरी हासिल कर अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था। दीपके ने आरोप लगाया कि कथित पेपर लीक और परिणामों में देरी से अभ्यर्थियों पर दबाव बढ़ रहा है और इसे व्यवस्था की विफलता बताया।
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद फिर सक्रिय हुए दीपके
अभिजीत दीपके इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर चुके हैं। करीब एक महीने पहले उन्होंने आंदोलन के दूसरे चरण का संकेत देते हुए कहा था कि देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दोबारा आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
मनोज जरांगे के समर्थन में भी उतरे
इसी बीच अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे को भी समर्थन दिया है। वह शुक्रवार को जरांगे से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने सरकार से जरांगे की मांगों पर बातचीत करने की अपील की।
दीपके ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं के पास दूसरे लोगों से मिलने का समय है, लेकिन जरांगे से बातचीत क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जरांगे के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
MPSC आंदोलन को लेकर आगे बढ़ेगी CJP की रणनीति
सीजेपी के नए ऐलान के बाद महाराष्ट्र में एमपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं। पार्टी ने 24 सितंबर तक की समयसीमा रखी है। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में राज्यव्यापी दौरे और अभ्यर्थियों से संवाद की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अभिजीत दीपके की राजनीतिक सक्रियता और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आंदोलन को लेकर गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
