वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट का एक नया नक्शा सोशल मीडिया पर साझा किया। इस नक्शे में होर्मुज स्ट्रेट के क्षेत्र को ‘अमेरिका का नया इलाका’ बताया गया है। ट्रंप की यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर रोक जारी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ट्रंप ने नक्शा साझा करते हुए कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की। इससे पहले पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का इलाका घोषित करेंगे।
ईरान ने कहा- शर्तें पूरी होने तक बंद रहेगा होर्मुज स्ट्रेट
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री यातायात तब तक बहाल नहीं किया जाएगा, जब तक अमेरिका के साथ हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन में ईरान की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के मुद्दे को विदेशी प्रतिबंधों और सैन्य अभियानों को पूरी तरह खत्म करने से जोड़ते हुए यह बात कही।
गालिबाफ के मुताबिक, समझौते में नाकेबंदी हटाने, जमा की गई संपत्तियों को जारी करने, तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने तथा सभी मोर्चों पर धमकियों और सैन्य अभियानों को खत्म करने जैसी शर्तें शामिल हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की ओर से किए गए वादों के पूरा होने के बाद ही होर्मुज स्ट्रेट को खोला जाएगा।
ईरान ने दी दुश्मनों को कड़ी चेतावनी
ईरानी संसद के स्पीकर ने दुश्मनों को तनाव और बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ किसी भी कार्रवाई या आक्रामकता का जवाब उससे भी अधिक कड़े तरीके से देने के लिए तैयार है।
गालिबाफ ने कूटनीतिक प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि समझौता ज्ञापन से सैन्य टकराव को रोकने का अवसर मिला है। उनके अनुसार, इस अवसर ने ईरान को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रक्षा क्षमता को दोबारा तैयार करने में मदद की है।
होर्मुज स्ट्रेट पर क्यों बढ़ा तनाव
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है। ऐसे में इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों के रुख से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
