राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच अंतिम चरण में, रिपोर्ट से पहले अयोध्या का फिर दौरा कर सकती है एसआईटी

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी के मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले अयोध्या का एक और दौरा कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के बाद एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगी। जांच टीम को 15 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले करीब तीन सप्ताह के दौरान एसआईटी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इन सभी तथ्यों का विश्लेषण लगभग पूरा हो चुका है और अब टीम अंतिम निष्कर्ष तैयार करने में जुटी हुई है।

रिपोर्ट से पहले होगा फील्ड वेरिफिकेशन

जानकारी के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट सौंपने से पहले एसआईटी घटनास्थल पर पहुंचकर फील्ड वेरिफिकेशन करेगी। इस दौरान पुलिस हिरासत में आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट का मिलान किया जाएगा। साथ ही जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और साक्ष्यों की दोबारा पुष्टि की जाएगी, ताकि रिपोर्ट में किसी प्रकार की त्रुटि या कमी न रह जाए।

कुछ और गिरफ्तारियों की भी संभावना

सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी कथित साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। यदि जांच के दौरान मिले नए साक्ष्य इसकी पुष्टि करते हैं तो इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

अंतिम रिपोर्ट में कई अहम बिंदुओं का होगा उल्लेख

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की पूरी प्रक्रिया, मंदिर की निगरानी व्यवस्था में सामने आई कमियां, सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका तथा जांच के दौरान मिले सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का विस्तृत विवरण शामिल किया जाएगा।

15 जुलाई तक सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

अब इस मामले में सभी की निगाहें 15 जुलाई पर टिकी हैं, जब एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने की महत्वपूर्ण बैठकें

इधर, चढ़ावा प्रकरण की जांच के बीच बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने अयोध्या में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। यह बैठकें ट्रस्ट की हालिया बैठक के बाद हुईं, जिसमें पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफे स्वीकार किए गए थे।

 

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