श्रीनगर: श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा मार्गों की सुरक्षा, बलों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने की। इस दौरान उन्होंने अमरनाथ यात्रा से जुड़ी सुरक्षा तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की और मौजूदा व्यवस्थाओं का आकलन किया। साथ ही कश्मीर में जारी आतंकवाद विरोधी अभियानों की प्रगति और सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा की गई।
यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार
बैठक में यात्रा मार्गों पर किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए बहु-एजेंसी समन्वय को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर व्यापक और मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा रहा है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में किलो फोर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सशस्त्र सीमा बल, सीमा सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सभी सुरक्षा बलों की संयुक्त भागीदारी को यात्रा के लिए तैयार की गई समन्वित सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सीसीटीवी निगरानी से लेकर आपातकालीन प्रतिक्रिया तक पूरा खाका तैयार
बैठक के दौरान श्रीनगर, बडगाम, बांडीपोरा और गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने यात्रा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें सुरक्षा बलों की तैनाती योजना, यात्रा मार्गों पर नियंत्रण व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, अन्य तकनीकी सुरक्षा उपायों और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया।
इसके अलावा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल को और मजबूत बनाने तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
डीजीपी का स्पष्ट संदेश, 24 घंटे सतर्क रहें सभी एजेंसियां
समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी नलिन प्रभात ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को और प्रभावी बनाने तथा हर स्तर पर बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान भी लगातार जारी रहेंगे ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
मजबूत खुफिया तंत्र और एजेंसियों का तालमेल बनेगा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
डीजीपी ने दोहराया कि मजबूत सुरक्षा ढांचा, बेहतर खुफिया समन्वय और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग ही अमरनाथ यात्रा की सफलता सुनिश्चित करेगा। साथ ही यही रणनीति कश्मीर घाटी में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
