ईरान-अमेरिका तनाव के बीच शांति की कोशिशें तेज: ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले- ‘100% सही जवाब चाहिए, वरना…’

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और कूटनीतिक हलचलों ने रफ्तार पकड़ ली है। जहां एक तरफ ईरान ने अमेरिका के नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा शुरू करने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर “संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो हालात तेजी से बदल सकते हैं।”

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई के मुताबिक, अमेरिका की ओर से एक नया शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचा है, जिसकी फिलहाल समीक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच अब तक कई दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत हो चुकी है।

पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच जारी संवाद में पाकिस्तान महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर आगे बढ़ रही है।

इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन की पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात भी हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात और ईरान-अमेरिका वार्ता पर चर्चा की गई। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के भी जल्द ईरान दौरे की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप का सख्त संदेश- ‘हम तैयार हैं’

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका की ओर से दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका को ईरान से “100 प्रतिशत संतोषजनक जवाब” चाहिए।

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सही प्रतिक्रिया नहीं मिली तो अमेरिका के पास विकल्प खुले हैं और स्थिति तेजी से बदल सकती है। वहीं व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी स्टीफन मिलर ने और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान के सामने केवल दो ही रास्ते हैं—या तो अमेरिका की शर्तों के साथ समझौता या फिर सैन्य कार्रवाई का सामना।

उन्होंने यह भी कहा कि संभावित सैन्य कार्रवाई इतनी बड़ी होगी कि आधुनिक इतिहास में उसका उदाहरण नहीं मिलेगा।

तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल जारी

हालांकि धमकियों और चेतावनियों के बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत का रास्ता अभी खुला हुआ है। ईरान का कहना है कि वह प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और बातचीत की प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला या तो बड़े समझौते की ओर बढ़ सकता है या फिर तनाव और गहरा सकता है।

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