भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।
सीएम काफिले में अब चलेंगे 8 वाहन
भोपाल: नए आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री के कारकेड में अब 13 वाहनों की जगह केवल 8 वाहन ही शामिल होंगे। इनमें पायलट वाहन, मीडिया कार, एस्कॉर्ट वाहन, वीआईपी वाहन, स्पेयर कार, एम्बुलेंस और टेल कार शामिल रहेंगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान किसी भी प्रकार की वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी।
मंत्रियों और अधिकारियों को भी सादगी के निर्देश
राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी मंत्री और नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी अपने दौरे में न्यूनतम वाहनों का उपयोग करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि पदभार ग्रहण समारोह सादगी के साथ आयोजित किए जाएं और किसी प्रकार की वाहन रैली या भव्य आयोजन से बचा जाए।
ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भी मंत्रियों से अपील की कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम की जाए और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि अनावश्यक वाहन उपयोग पर रोक लगाई जाए और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
पीएम मोदी की अपील के बाद राज्यों में सक्रियता
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ऊर्जा संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचत को लेकर कई सुझाव दिए थे। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्रोत्साहित करने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने अनावश्यक विदेश यात्राओं और सोने की खरीद पर भी संयम बरतने की सलाह दी थी।
प्रदेश में सख्ती से लागू होंगे निर्देश
मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों को गंभीरता से लागू किया जाएगा और सभी स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी। इसका उद्देश्य सरकारी खर्च में कमी लाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
