होर्मुज पार कर भारत की ओर बढ़ा ‘ग्रीन आशा’, 20 हजार टन LPG लेकर आ रहा आठवां जहाज

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से लदा भारतीय जहाज ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है। यह युद्ध शुरू होने के बाद इस रास्ते से गुजरने वाला आठवां भारतीय जहाज है।

20 हजार टन LPG के साथ आगे बढ़ा जहाज
जानकारी के मुताबिक ‘ग्रीन आशा’ पर करीब 20,000 टन एलपीजी लदा हुआ है। भारतीय समयानुसार रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे यह जहाज ईरान के लारक, केशम और होर्मुज द्वीपों के बीच से गुजरते हुए जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में प्रवेश कर गया।

‘ग्रीन सांवरी’ भी पहले कर चुका है पार
इससे पहले ‘ग्रीन सांवरी’ नाम का भारतीय जहाज भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है। इस जहाज पर लगभग 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी का कार्गो था। 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से लगातार भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर रहे हैं।

नौसेना अलर्ट, सरकार लगातार संपर्क में
पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी पूरी तरह सतर्क हैं और जरूरत पड़ने पर व्यापारिक जहाजों को सहायता देने के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार भी ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

होर्मुज क्षेत्र में अब भी 18 जहाज मौजूद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार फारस की खाड़ी क्षेत्र में अभी भी 18 भारतीय जहाज और करीब 485 नाविक मौजूद हैं। सभी जहाजों और चालक दल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें सुरक्षित बताया गया है।

964 से ज्यादा नाविकों की हो चुकी है वापसी
अब तक कुल 964 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित देश वापस लाया जा चुका है। वहीं देशभर के बंदरगाह सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और संबंधित मंत्रालयों के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है।


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