पीएम राहत योजना की शुरुआत को मंजूरी लखपति दीदी योजना का लक्ष्य दोगुना किया
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का उद्घाटन किया, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक साथ कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री ने नए परिसर में ‘सेवा तीर्थ’ नाम का अनावरण किया, जो भवन की दीवार पर देवनागरी लिपि में अंकित है। इसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ लिखा गया है। प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर भी किए।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर परिसर के उद्घाटन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, भारत के लोगों की सेवा करने के पक्के इरादे और नागरिक देवो भव की पवित्र भावना से प्रेरित होकर, सेवा तीर्थ विनम्रता से देश को समर्पित है । सेवा तीर्थ हमेशा कर्तव्य, करुणा और इंडिया फर्स्ट के सिद्धांत सेवा तीर्थ के प्रति प्रतिबद्धता का एक चमकता हुआ प्रतीक बना रहे। उन्होंने दूसरे पोस्ट में बताया कि सेवा तीर्थ में आज उन्होंने गरीबों, वंचितों, मेहनतकश किसानों, युवा और नारी शक्ति को मजबूत बनाने से जुड़े निर्णयों पर हस्ताक्षर किए।
इन निर्णयों में ‘पीएम राहत योजना’ की शुरुआत को मंजूरी शामिल है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा ‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य दोगुना करके 6 करोड़ करने का निर्णय लिया गया । कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ‘एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ का लक्ष्य एक लाख करोड़ से बढ़ाकर दो लाख करोड़ किया गया है। अब प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित दक्षिण ब्लॉक से सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित होगा।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी
मोदी सरकार ने ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0′ को भी मंजूरी दी है, जिसका कोष 10,000 करोड़ रुपये होगा। इससे शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स और डीप-टेक अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये निर्णय ‘नागरिक देवो भव’ की भावना को सुदृढ़ करते हैं और विकसित भारत के संकल्प को नई गति देते हैं।
