वाराणसी: भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर वाराणसी में तीन दिवसीय एयर शो का आगाज गुरुवार, 22 अक्टूबर से हो रहा है। इस हवाई प्रदर्शन में तेजस, राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान अपनी उड़ान क्षमता और हवाई करतब दिखाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न हेलीकॉप्टर और सैन्य परिवहन विमान भी आसमान में अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन को लेकर वायुसेना और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अंतिम पूर्वाभ्यास में गंगा के आसमान में दिखा रोमांच
एयर शो से पहले बुधवार को अंतिम पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के हवाई करतबों ने गंगा के आसमान को रोमांचक बना दिया। घाटों पर मौजूद लोगों ने विमानों की तेज रफ्तार, उड़ान और कलाबाजियों को देखा। आयोजन को लेकर वाराणसी के साथ चंदौली जिला प्रशासन भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा रहा।
22, 24 और 25 अक्टूबर को होगा एयर शो
वाराणसी में एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट के आसपास किया जाएगा। गंगा के दूसरे छोर पर चंदौली की ओर पड़ाव से सटे घाटों पर भी दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। कई किलोमीटर तक घाटों को समतल किया गया है और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और वॉच टावर
बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। निगरानी के लिए वॉच टावर बनाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रशासन का जोर भीड़ को नियंत्रित करने, लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने पर है।
दर्शकों के लिए चिकित्सा शिविर, अस्पतालों में भी अतिरिक्त इंतजाम
एयर शो के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा शिविर लगाया गया है। इसके अलावा जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में भी उपचार की अतिरिक्त व्यवस्था कराई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
यातायात व्यवस्था में बदलाव, भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
एयर शो के कारण वाराणसी और चंदौली के बीच आवागमन बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। दर्शकों को निर्धारित मार्गों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों की जानकारी देने के लिए अलग-अलग स्थानों पर उद्घोषणा की व्यवस्था भी की गई है।
‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर दिखेगा वायुसेना का हवाई कौशल
गंगा के ऊपर होने वाले इस विशेष प्रदर्शन की थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखी गई है। एयर शो में अलग-अलग फॉर्मेशन के जरिए लड़ाकू विमानों की क्षमता, हेलीकॉप्टरों के करतब और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का प्रदर्शन किया जाएगा।
‘काशी’ फॉर्मेशन में तिरंगे के रंगों से सजेगा आसमान
‘काशी’ फॉर्मेशन में सूर्यकिरण टीम के तीन विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इस दौरान गंगा के ऊपर भारतीय तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाने का प्रदर्शन किया जाएगा।
‘वरुणा’ और ‘केदार’ में दिखेगी विशेष ऑपरेशन की क्षमता
‘वरुणा’ फॉर्मेशन में भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना के तीन एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। इनके जरिए रस्सी के सहारे जवानों को नीचे उतारने की प्रक्रिया यानी स्लिदरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, ‘केदार’ फॉर्मेशन में एक राफेल विमान कम ऊंचाई पर सटीक हवाई करतब दिखाएगा।
‘हनुमान’, ‘सारनाथ’ और ‘सारंग’ भी दिखाएंगे करतब
‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत एक सुखोई-30 एमकेआई विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक प्रदर्शन करेगा। इसके बाद ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में एक हार्वर्ड विमान हवाई करतब दिखाएगा। सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने विशेष उड़ान कौशल का प्रदर्शन करेगी।
‘ओंकार’ में राष्ट्रीय ध्वज और ‘गंगा’ में होगी पुष्पवर्षा
‘ओंकार’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर विक फॉर्मेशन में राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों के जरिए पुष्पवर्षा की जाएगी। ‘रुद्र’ फॉर्मेशन में एक सुखोई-30 एमकेआई विमान मुख्य मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा।
‘भागीरथी’ और ‘त्रिदेव’ में दिखेगा सेनाओं का तालमेल
‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का समूह डायमंड आकार में उड़ान भरेगा। ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर सबसे आगे रहेगा। इसके साथ भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना के एक-एक एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इस प्रदर्शन के जरिए तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता को दर्शाया जाएगा।
‘अलकनंदा’ से ‘कैलाश’ तक दिखेंगे सैन्य विमानों के खास फॉर्मेशन
‘अलकनंदा’ फॉर्मेशन में दो चिनूक और दो एएलएच मार्क IV हेलीकॉप्टर उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसमें एक चिनूक पीछे की स्थिति में होगा। ‘भैरव’ फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से गुजरेंगे। ‘कैलाश’ फॉर्मेशन में एक सी-130 और दो एएन-32 विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
‘त्रिलोचन’ और ‘नटराज’ में दिखेगी निगरानी और हवाई युद्ध क्षमता
‘त्रिलोचन’ फॉर्मेशन में एक एईडब्ल्यूएंडसी विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों के साथ विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा। ‘नटराज’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में दिखाई देगा। इस फॉर्मेशन के जरिए समुद्री निगरानी और हवाई युद्ध क्षमता के समन्वय को प्रदर्शित किया जाएगा।
‘महादेव’ में हवा में ईंधन भरने वाले विमान का प्रदर्शन
‘महादेव’ फॉर्मेशन में हवा में ईंधन भरने वाला एक आईएल-78 विमान तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। यह प्रदर्शन हवाई अभियानों के दौरान विमानों को हवा में ईंधन उपलब्ध कराने की क्षमता को सामने लाएगा।
‘विश्वनाथ’, ‘पशुपति’ और ‘नीलकंठ’ में गरजेंगे सुखोई, जगुआर और राफेल
‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘पशुपति’ फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड आकार में दिखाई देंगे। फिर तीन राफेल विमानों का ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन आसमान में अपनी ताकत दिखाएगा।
‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में दिखेगी भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता
‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर के अग्रभाग जैसे एरोहेड आकार में उड़ान भरेंगे। इस फॉर्मेशन को भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता और तत्परता के प्रदर्शन से जोड़ा गया है। इसमें अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों की सटीक प्रहार क्षमता और राष्ट्रीय उद्देश्यों के लिए वायु शक्ति के इस्तेमाल की क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन की जानकारी में इसका संबंध हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित क्षमता से भी जोड़ा गया है।
स्वदेशी तेजस बनेगा आकर्षण, ‘अस्सी’ कॉलसाइन के साथ भरेगा उड़ान
स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस ‘अस्सी’ कॉलसाइन के साथ एयर शो का प्रमुख आकर्षण रहेगा। यह विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाएगा। इसके जरिए स्वदेशी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, उन्नत उड़ान कौशल और लड़ाकू विमान निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया जाएगा।
‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में सी-17 और सूर्यकिरण टीम का फ्लाईपास्ट
‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में एक सी-17 ग्लोबमास्टर विमान नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करते हुए मुख्य मंच के ऊपर से फ्लाईपास्ट करेगा। इसके बाद भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अपने हवाई करतब दिखाएगी।
