गोरखपुर/देवरिया: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक निजी स्कूल की शिक्षिका की हत्या कर उसका शव देवरिया जिले में सड़क किनारे फेंकने का मामला सामने आया है। शिक्षिका का शव रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव के बाहर झाड़ियों में मिला था। आरोप है कि शनिवार शाम सफेद रंग की कार से शव फेंककर उसमें सवार लोग फरार हो गए। शिक्षिका के पिता ने स्कूल मैनेजर विजय निषाद के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद स्कूल मैनेजर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतका गोरखपुर जिले के झंगहा क्षेत्र में बोहबार चौकी के अंतर्गत आने वाले एक गांव की रहने वाली थी। वह नई बाजार ब्रह्मपुर स्थित एक निजी एकेडमी में शिक्षिका थी। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे वह स्कूल के लिए घर से निकली थी। परिजनों को उसने बताया था कि उस दिन उसे वेतन मिलना है। लेकिन शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार की चिंता बढ़ गई।
दोपहर 3 बजे स्कूल से निकलने की मिली थी जानकारी
परिजनों के मुताबिक, शाम करीब सात बजे तक शिक्षिका घर नहीं पहुंची तो उन्होंने उसके मोबाइल पर फोन किया। हालांकि, उसका फोन बंद मिला। इसके बाद परिवार ने स्कूल के अन्य शिक्षकों और प्रधानाचार्य से संपर्क किया। वहां से बताया गया कि शिक्षिका दोपहर करीब तीन बजे ही स्कूल से निकल गई थी।
परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच रविवार शाम करीब छह बजे व्हाट्सएप ग्रुप में एक अज्ञात युवती के शव की तस्वीर सामने आई। तस्वीर देखकर गांव के लोगों ने शिक्षिका को पहचान लिया और परिवार को सूचना दी। इसके बाद परिजन रामलक्षन पुलिस चौकी पहुंचे और शव की शिनाख्त की।
शिक्षिका पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। बेटी को खोने के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
सफेद कार से शव फेंककर फरार हुए लोग
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे देवरिया के रुद्रपुर क्षेत्र में कन्हौली गांव के बाहर झाड़ियों के पास एक सफेद कार से युवती का शव फेंका गया था। इसके बाद कार सवार मौके से भाग निकले।
ग्रामीणों ने कार का करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार से वाहन लेकर फरार हो गया। बताया गया है कि यह कार घटनास्थल से करीब छह किलोमीटर दूर रामलक्षन पुलिस चौकी के सामने से भी गुजरी थी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कार की डिक्की खुली देखी, लेकिन उसे रोकने की कोशिश नहीं की।
बाद में जब चलती कार से युवती का शव फेंके जाने की जानकारी सामने आई तो पुलिस ने शव की पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। शनिवार रात से रविवार शाम तक पहचान नहीं हो सकी। आखिरकार सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर प्रसारित तस्वीर के जरिए शिक्षिका की पहचान हो पाई।
पिता ने आठ साल से स्कूल में पढ़ाने की दी जानकारी
शिक्षिका के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी पिछले करीब आठ वर्षों से संबंधित निजी स्कूल में पढ़ा रही थी। 31 अक्टूबर को वह घर से यह कहकर निकली थी कि उस दिन उसे वेतन मिलने वाला है, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी।
परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। एक नवंबर को देवरिया में सड़क किनारे शव फेंके जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद परिजन वहां पहुंचे और उसकी पहचान की। पिता ने स्कूल मैनेजर विजय निषाद पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर स्कूल मैनेजर को हिरासत में लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।
