नई दिल्ली: दिल्ली से पुणे आ रही इंडिगो की एक उड़ान में यात्री की कथित हरकत से विमान में हड़कंप मच गया। सोमवार देर रात एक यात्री ने आपातकालीन निकास द्वार के लीवर कवर से छेड़छाड़ करने की कोशिश की, जिसके बाद विमान में अलार्म बज उठा। घटना के बाद चालक दल के सदस्य सतर्क हो गए। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में 33 वर्षीय यात्री को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान पुणे जिले के सासवड निवासी गौरव सत्येंद्र रौतेला के रूप में हुई है। वह इंडिगो की उड़ान संख्या 6E6884 में सफर कर रहा था और आपातकालीन निकास द्वार के पास 19D सीट पर बैठा था।
लीवर कवर छूते ही बज उठा विमान का अलार्म
एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गोविंद पवार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में गौरव रौतेला ने दावा किया कि उसने उत्सुकतावश लीवर के कवर को छुआ था। उसे कथित तौर पर जानकारी नहीं थी कि यह आपातकालीन दरवाजे की व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
जैसे ही यात्री ने लीवर कवर को छुआ, विमान के भीतर अलार्म बजने लगा। इससे चालक दल के सदस्य सतर्क हो गए और मामले को गंभीरता से लिया गया।
रात 12:45 बजे हुई घटना, दो बजे पुणे पहुंचा विमान
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार रात करीब 12:45 बजे हुई। उस समय विमान दिल्ली से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हवा में था। इसके बाद विमान रात करीब दो बजे पुणे में उतरा।
घटना के बाद इंडिगो के चालक दल के सदस्य ओंकार विनोद कुलकर्णी ने संबंधित यात्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि आपातकालीन निकास द्वार की व्यवस्था से छेड़छाड़ करने पर विमान में सवार अन्य यात्रियों की जान और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गोविंद पवार ने बताया कि विमान में लगा अलार्म उसकी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। इसे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में चालक दल को सतर्क करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में भी इस तरह की एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
BNS और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी गौरव रौतेला को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया है। इसके अलावा उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि विमान के आपातकालीन निकास द्वार के लीवर कवर के साथ हुई छेड़छाड़ की परिस्थितियां क्या थीं।
