नई दिल्ली: बच्चों की परवरिश का मतलब केवल उन्हें अच्छी शिक्षा देना और कामयाब बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन में सही-गलत की पहचान कराना भी बेहद जरूरी है। बचपन में मिली अच्छी सीख आगे चलकर उनके फैसलों और व्यवहार को बेहतर बनाती है। महाभारत में महात्मा विदुर ने जीवन, रिश्तों और व्यवहार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतियां बताई हैं। उनकी शिक्षाओं के अनुसार, बच्चों को कुछ ऐसी बातें जरूर सिखानी चाहिए, जिससे वे दूसरों की बातों में आकर गलत फैसले न लें और धोखे से बच सकें।
1. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें
विदुर नीति के अनुसार, किसी भी व्यक्ति पर विश्वास करने से पहले उसके व्यवहार और कामों को समझना जरूरी है। माता-पिता को बच्चों को बचपन से ही यह बात सिखानी चाहिए कि किसी के मीठे बोल सुनकर तुरंत उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
किसी व्यक्ति की असली पहचान उसकी बातों से ज्यादा उसके व्यवहार और कर्मों से होती है। बच्चों को दोस्ती करते समय भी समझदारी बरतने और अपनी निजी बातें हर किसी के साथ साझा न करने की सीख देनी चाहिए।
2. बोलने से पहले सोचने की आदत डालें
बच्चों को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना सिखाना भी जरूरी है। कई बार गुस्से या जल्दबाजी में कही गई बातें रिश्तों में दूरी पैदा कर देती हैं। इसलिए उन्हें समझाएं कि किसी से भी बात करते समय शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए।
इसके साथ ही दूसरों की निजी बातें किसी तीसरे व्यक्ति तक पहुंचाने से बचना चाहिए। संयमित और समझदारी भरी बातचीत कई तरह की परेशानियों से बचा सकती है।
3. लालच से हमेशा दूर रहने की दें सीख
लालच इंसान की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। कई बार लोग बड़े फायदे या कम समय में ज्यादा पैसा पाने का प्रलोभन देकर दूसरों को अपने जाल में फंसा लेते हैं।
माता-पिता को बच्चों को समझाना चाहिए कि बिना मेहनत के बड़ी सफलता पाने की इच्छा उन्हें गलत रास्ते पर ले जा सकती है। उन्हें ईमानदारी और मेहनत के महत्व के बारे में बताएं, ताकि वे किसी लालच में आकर गलत फैसला न लें।
4. अपनी कमजोरियां हर किसी के सामने न रखें
बच्चों को यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति उनका शुभचिंतक नहीं होता। इसलिए अपने डर, परेशानियों और कमजोरियों के बारे में केवल उन्हीं लोगों से बात करनी चाहिए, जिन पर वे भरोसा कर सकते हैं।
इसके अलावा, किसी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर अपनी निजी जानकारी या जरूरी चीजें साझा नहीं करनी चाहिए। माता-पिता को बच्चों को यह भी बताना चाहिए कि कोई उन्हें डराए या निजी बातें बताने का दबाव बनाए तो इसकी जानकारी तुरंत परिवार को दें।
5. सही और गलत के बीच अंतर समझना सिखाएं
महात्मा विदुर की नीतियों में विवेक और समझदारी से निर्णय लेने को महत्वपूर्ण माना गया है। बच्चों को बचपन से ही सही और गलत के बीच अंतर पहचानना सिखाना चाहिए।
उन्हें बताएं कि दोस्ती या रिश्तों के दबाव में आकर कोई गलत काम नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति उन्हें डराकर या बहलाकर गलत काम करने के लिए कहता है, तो बिना किसी झिझक के माता-पिता को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
बच्चों को ये पांच बातें सिखाने से उनमें समझदारी, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। यही सीख उन्हें जीवन में धोखे और गलत फैसलों से बचने का रास्ता दिखा सकती है।
