2027 चुनाव से पहले BJP का नया दांव, गोरखपुर में नितिन नवीन ने दिया ‘नवीन सूत्र’; पुराने नेताओं को फिर मिलेगी अहम जिम्मेदारी

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जीत के लिए संगठन को मजबूत करने का नया मंत्र दिया। उन्होंने करीब 10 साल से पद और जिम्मेदारी से दूर चल रहे पुराने नेताओं को फिर सक्रिय करने और उनके अनुभव का चुनावी अभियान में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उनके इस संदेश में पुराने और नए नेतृत्व के तालमेल के साथ संगठन के भीतर अनुशासन और एकजुटता को प्राथमिकता दी गई।

पुराने नेताओं को फिर चुनावी मोर्चे पर लाने की तैयारी

नितिन नवीन ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि लंबे समय से संगठन में किसी जिम्मेदारी पर नहीं रहे नेताओं से संपर्क किया जाए। उनके अनुभव का लाभ लेकर उन्हें चुनावी गतिविधियों में सक्रिय किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव में जीत के लिए पुराने और वर्तमान कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है।

उनका संदेश साफ था कि संगठन में किसी तरह की नाराजगी या निष्क्रियता के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। सभी को मिलकर चुनावी तैयारी में जुटना होगा।

मतभेद कमरे में सुलझाएं, बाहर दिखे एकजुटता

भाजपा अध्यक्ष ने संगठन के अंदर होने वाले मतभेद और मनमुटाव को लेकर भी पदाधिकारियों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि आपसी विवादों को कमरे के भीतर ही सुलझाया जाना चाहिए। सार्वजनिक रूप से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक मत और एक स्वर दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने पदाधिकारियों से पार्टी के लोक कल्याणकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाने और मनसा, वाचा, कर्मणा यानी विचार, वाणी और कर्म से चुनावी जीत के लिए जुटने का आह्वान किया।

‘2027 में जीतना चाहते हैं या नहीं’, पदाधिकारियों से सीधा सवाल

बुधवार को एनेक्सी में आयोजित बैठक के दौरान नितिन नवीन ने गोरखपुर क्षेत्र के प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ जिलाध्यक्षों और प्रभारियों से सीधा सवाल किया कि वे 2027 का चुनाव जीतना चाहते हैं या नहीं।

पदाधिकारियों की ओर से जीत का संकल्प जताने के बाद उन्होंने संगठन की रणनीति साझा की। बताया कि पार्टी के सभी मोर्चों के कार्यक्रम तय हो चुके हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अंतिम कार्यकर्ता तक पहुंचें और उन्हें संगठन के कार्यक्रमों से जोड़ें।

कार्यकर्ताओं का सम्मान जरूरी, पहले सुनें उनकी शिकायतें

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कार्यकर्ता सम्मान चाहता है। वह अपेक्षा करता है कि पदाधिकारी उसके साथ खड़े रहें और उसकी बात सुनें।

उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान पहले सत्र में उनकी बातें ध्यान से सुनी जाएं। उनके साथ बैठकर भोजन किया जाए और शिकायतों पर उन्हें भरोसा दिलाया जाए। इसके बाद उन्हें पार्टी के काम में लगाया जाए। यदि इसके बावजूद कोई कार्यकर्ता निष्क्रिय रहता है तो इसकी जानकारी संगठन को दी जाए।

निष्क्रियता पर कार्रवाई, जिम्मेदारी में बदलाव के संकेत

नितिन नवीन ने पदाधिकारियों को जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि संगठन की नजर सभी पर है। किसी को भी कभी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है और किसी को पद से हटाया भी जा सकता है। यह सब उसकी सक्रियता और कामकाज पर निर्भर करेगा।

उन्होंने दल बदलने या संगठन के प्रति निष्क्रिय रवैया अपनाने वालों को भी सख्त संदेश दिया। पार्टी अध्यक्ष ने भाजपा को एक छतरी बताते हुए कहा कि जो इसके नीचे रहेगा, उसका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित रहेगा, जबकि इससे बाहर जाने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्व पदाधिकारियों का अनुभव संगठन की ताकत

नितिन नवीन ने वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात करते हुए कहा कि मौजूदा पद पर होने का मतलब यह नहीं है कि वर्तमान पदाधिकारी पूर्व पदाधिकारियों से बेहतर हैं। जिम्मेदारी से दूर रहने के बावजूद पुराने नेताओं का अनुभव संगठन के लिए अनमोल है।

उन्होंने मौजूदा पदाधिकारियों को ऐसे नेताओं से संपर्क बनाए रखने और उनके अनुभव का लाभ लेने की सलाह दी। उनका कहना था कि 2027 में जीत हासिल करने के लिए संगठन के हर स्तर के कार्यकर्ता और नेता को पूरी ताकत से जुटना होगा।

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