आतंकियों के समर्थन में पाकिस्तान ने बढ़ाया संघर्ष
नयी दिल्ली। पाकिस्तान में स्थित सैन्य ठिकानों पर पिछले सप्ताह करारा सैन्य प्रहार करने के बाद सोमवार को भारतीय सशस्त्र बलों ने मध्यकाल के भक्त कवि तुलसीदास और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की काव्य पंक्तियों का सहारा लेते हुए पड़ोसी देश को कड़ा संदेश दिया ।
‘आपरेशन सिंदूर’ के संबंध में जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में में भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल एके भारती ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियों के साथ एक वीडियो क्लिपिंग दिखाया। वीडियो में रामधारी सिंह दिनकर की कविता को पूरे जोश के साथ गाया गया था। ये पंक्तियां इस प्रकार थीं। जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है ।
याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय या मरण होगा। इसके बाद रामचरित मानस की चौपाई कही, बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति । बोले राम सकोप तब भय बिनु होई न प्रीति ।। भारती ने कहा कि भारत की मजबूत वायु रक्षा प्रणाली ने भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के पाकिस्तानी प्रयासों को प्रभावी ढंग से विफल कर दिया। हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ थी लेकिन पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का समर्थन करना चुना व संघर्ष को बढ़ाया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत सेना ने नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था ।
हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया
नयी दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने सोमवार को सोशल मीडिया पर उड़ रहीं उन अफवाहों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान में किराना हिल्स’ पर हमला किया, जहां कथित तौर पर एक परमाणु संयंत्र है। ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में वायु अभियान महानिदेशक एयर मार्शल ए. के. भारती ने कहा, हमने ‘किराना हिल्स’ पर हमला नहीं किया है, वहां जो कुछ भी है।
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