नई दिल्ली। महाशिवरात्रि केवल व्रत और रुद्राभिषेक का पर्व नहीं है, बल्कि यह उस अद्वितीय प्रेम, त्याग और तपस्या का प्रतीक है, जिसके बल पर माता पार्वती ने महादेव को पति रूप में प्राप्त किया। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित एक कथा बताती है कि विवाह से पहले भगवान शिव ने स्वयं माता पार्वती की भक्ति और प्रेम की अंतिम परीक्षा ली थी। इस दौरान महादेव ने ऐसा रूप धारण किया, जिससे पार्वती को यह साबित करना पड़ा कि उनका प्रेम केवल शिव के ऐश्वर्य से नहीं, बल्कि उनके तपस्वी और…
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