भारत के 3 प्राचीन ग्रंथों का दुनिया में बजा डंका! महाभारत, अर्थशास्त्र और राजतरंगिणी को UNESCO ने दी बड़ी पहचान

नई दिल्ली: भारत की प्राचीन साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। देश के तीन ऐतिहासिक ग्रंथों महाभारत, राजतरंगिणी और कौटिल्य के अर्थशास्त्र को यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय रजिस्टर में शामिल किया गया है। इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित इस रजिस्टर की 11वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। इस उपलब्धि के साथ ही इस सूची में भारत के प्राचीन ग्रंथों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। यूनेस्को की सूची में अब भारत के 6 प्राचीन ग्रंथ भारत के इन…

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