बुद्ध जयंती पर लखनऊ में आयोजन, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल बोले—सामाजिक बदलाव के महानायक थे बुद्ध, विश्व को आज युद्ध नहीं शांति का मार्ग चाहिए

लखनऊ में शुक्रवार को बुद्ध जयंती के अवसर पर आंबेडकर महासभा के तत्वावधान में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉ. आंबेडकर महासभा सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना से हुई, जिसके बाद सभागार में प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान शांति, समता और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।

सामाजिक असमानता के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक थे बुद्ध

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व चेयरमैन एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि भगवान बुद्ध ने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता की जड़ों को चुनौती दी और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने सुमित भंगी और उपालि नाई जैसे लोगों को संघ में स्थान देकर समाज में समता और सद्भाव का संदेश दिया। यह कदम उस दौर में सामाजिक क्रांति के समान था।

डॉ. निर्मल ने आगे कहा कि बुद्ध ने महिलाओं को संघ में स्थान देकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।

विश्व में बढ़ते युद्ध के बीच बुद्ध के मार्ग की प्रासंगिकता

अपने संबोधन में डॉ. निर्मल ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया कई स्थानों पर युद्ध और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। अमेरिका, इजराइल और ईरान सहित कई देशों के बीच तनाव और टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध नहीं हो सकता, यह बात अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि बुद्ध का अहिंसा और शांति का मार्ग ही विश्व को स्थायी समाधान दे सकता है। चाहे कोई भी देश कितनी भी लंबी लड़ाई क्यों न लड़ ले, अंततः समस्याओं का समाधान संवाद, शांति और सहअस्तित्व में ही निहित है।

शांति और सद्भाव ही ला सकते हैं वैश्विक स्थिरता

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद सरोज ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया युद्ध के संकट से घिरी हुई है, ऐसे में बुद्ध का शांति का संदेश ही वैश्विक स्तर पर अमन और चैन स्थापित कर सकता है।

इस अवसर पर अमरनाथ प्रजापति, डॉ. सत्यादोहरे, रामचन्द्र पटेल, रामशंकर, दिनेश चन्द्र, आईडी यादव और डॉ. आरपी दोहरे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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