मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब और भी गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग 18वें दिन और भीषण हो गई है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह टकराव परमाणु युद्ध तक पहुंच सकता है। इसी आशंका पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ जवाब दिया है।
तेहरान पर हमला, ईरान का भीषण पलटवार
ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने तेहरान स्थित साइबर पुलिस मुख्यालय पर हवाई हमला किया है। वहीं, ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 700 मिसाइलों और 3600 ड्रोन से हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
परमाणु हमले पर ट्रंप का साफ इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इजरायल परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “इजरायल ऐसा नहीं करेगा, वह कभी ऐसा नहीं करेगा।” यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में कुछ विशेषज्ञों ने युद्ध के और भड़कने की आशंका जताई थी।
7 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अब तक ईरान के 7 हजार से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उनके मुताबिक, खार्ग आइलैंड के तेल क्षेत्र को छोड़कर बाकी कई अहम ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि 30 माइन बिछाने वाले जहाजों समेत 100 से ज्यादा युद्धपोत तबाह किए जा चुके हैं।
ईरान की सैन्य क्षमता पर बड़ा दावा
ट्रंप के अनुसार, ईरान के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को तेजी से कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की 90 फीसदी मिसाइलें नष्ट हो चुकी हैं और उसकी मिसाइल व ड्रोन बनाने की क्षमता लगभग खत्म हो गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई और परमाणु हमले की आशंका ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।
