अर्बन चैलेंज फंड पर केंद्र की मुहर, इससे दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की बदलेगी तस्वीर

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25 फीसदी बजट देगी सरकार, बाजार से भी जुटाया जाएगा धन

एक लाख करोड़ की है परियोजना ,दस लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया निर्णय

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश शहरों को विकसित भारत की ओर बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) को मंजूरी दी गई है । इससे शहरों के लिए बनी विकास परियोजनाओं पर लागत का 25 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के तौर पर दिया जाएगा ।

सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि योजना के तहत परियोजना की लागत लिए क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी स्कीम का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी । शर्त है कि कम से कम 50 फीसदी धन बाजार से जुटाया जाएगा। इसमें नगरपालिका बॉन्ड, बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) जैसे तरीके होंगे। शेष 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश या शहरी स्थानीय निकाय जुटाएंगे।

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यह कोष वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगा जबकि क्रियान्वयन की अवधि 2033-34 तक बढ़ाई जा सकती है। परियोजनाओं का चयन पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से किया जाएगा यानी जो शहर बेहतर और असरदार प्रस्ताव लाएंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का मूल्यांकन इस आधार पर होगा कि वे आर्थिक,सामाजिक और पर्यावरणीय स्तर पर कितना बदलाव ला सकती हैं। इसमें राजस्व बढ़ाने की क्षमता, निजी निवेश आकर्षित करने की संभावना, रोजगार सृजन, बेहतर सुरक्षा एवं स्वच्छता जैसे पहलुओं को अहम माना जाएगा।

योजना में 10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले सभी शहर शामिल होंगे। इसके अलावा वे राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियां भी पात्र होंगी जो इस श्रेणी में नहीं आतीं । एक लाख या उससे अधिक आबादी वाले प्रमुख औद्योगिक व छोटे और पिछड़े शहरों को भी योजना में खास जगह दी गई है। सरकार का कहना है कि बदलाव लाने वाले नतीजों के आधार पर इसका मूल्यांकन किया जाएगा।

एक लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी स्कीम

पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के सभी स्थानीय निकायों तथा अन्य राज्यों के एक लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी स्कीम मंजूर की गई है। इसके तहत पहली बार लिए जाने वाले ऋण पर सात करोड़ रुपये या ऋण राशि के 70 प्रतिशत तक की केंद्रीय गारंटी दी जाएगी। पहली परियोजना के सफल भुगतान के बाद दूसरी परियोजना के लिए 50 प्रतिशत तक गारंटी मिलेगी। इससे छोटे शहर भी कम से कम 20 से 28 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू कर सकेंगे ।

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इन पर रहेगा फोकस
शहरी शासन में डिजिटल सुधार, वित्तीय पारदर्शिता, बेहतर सेवा वितरण, पारगमन आधारित विकास, हरित अवसंरचना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर रहेगा। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के डिजिटल पोर्टल के जरिए परियोजनाओं की कागज रहित निगरानी की जाएगी।

नोएडा : बॉटनिकल गार्डन के विस्तार कॉरिडोर को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक 11.56 किलोमीटर लंबाई के 8 स्टेशनों वाले विस्तारित कॉरिडोर को मंजूरी दी। इस गलियारे के चालू होने पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 61.62 किलोमीटर का सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा। यह परियोजना शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क का एक बड़ा विस्तार है।

देश की पहली अंडरवाटर सड़क सह-रेल सुरंग को हरी झंडी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। परियोजना गोहपुर से नुमालीगढ़ तक 33.7 किमी लंबे चार-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किमी लंबी ट्विन- ट्यूब सुरंग शामिल है। कुल लागत 18,662 करोड़ रुपये है और इसे इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट – कंस्ट्रक्शन मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

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