यूपी भाजपा अध्यक्ष के पद पर कई समीकरणों को एक साथ साधने की तैयारी
लखनऊ। देश में जिस तरह भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी चेहरा पर दांव लगाने का संकेत दिया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष का पद जातीय समीकरण के हिसाब से महत्त्वपूर्ण हो जाता है। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के लिए अध्यक्ष के चयन का खाका तैयार कर चुकी है। पार्टी का शीर्ष और प्रदेश नेतृत्व तमाम कयास पलटा सकता है। माना जा रहा है कि सात दिन में उत्तर प्रदेश भाजपा का नाम तय हो जाएगा।
भाजपा उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष पद लिए ब्राह्मण चेहरा को आगे लाने पर विचार कर रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की चुनौती को देखते हुए, भाजपा जातीय समीकरणों को साधने का प्रयास कर रही है। पार्टी जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है, जिसमें कई नाम चर्चा में हैं। चर्चा है कि गठबंधन सहयोगियों और जिला अध्यक्षों के सहारे जमीन पर सभी जातीय समीकरण साध चुकी भाजपा सूबे के 20 प्रतिशत सवर्णों में सबसे अधिक भागीदारी वाले ब्राह्मणों को साधने के लिए 2018 की तरह किसी ब्राह्मण को भी संगठन की कमान सौंपने का दांव चल सकती है। इसके साथ ही ऐसी महिला नेता को आगे लाया जा सकता है जो कई समीकरणों को एक ही साथ साध सकती हैं।
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ब्राह्मणों की नाराजगी भी दूर करने का प्रयास
भाजपा ने विपक्ष के जातीय दांव को बिहार में निष्फल कर दिया है, इसलिए पार्टी को सबसे अधिक विश्वास मोदी मैजिक और पीडीए वर्ग से ही आने वाले बड़े लाभार्थी वोट बैंक पर है। दलित-पिछड़ों की उफान लेती राजनीति में विपक्ष ने ब्राह्मणों की भाजपा से नाराजगी के मुद्दे को भी हवा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूं तो संत होने के नाते जाति के दायरे में नहीं आते, लेकिन विपक्ष उन्हें ठाकुर बताता है तो इस वर्ग का प्रतिनिधित्व हो जाता है। करीब 12 प्रतिशत ब्राह्मण आबादी को साधने के लिए जैसे 2018 में महेंद्र नाथ पांडेय को अध्यक्ष बनाया गया था, वैसे ही इस वर्ग से कोई चेहरा आ सकता है।
यूपी भाजपा अध्यक्ष : शाह- बीएल संतोष व नड्डा की बैठक, पीएम से भी वार्ता
बुधवार को संसद भवन के भीतर प्रधानमंत्री कार्यालय में गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष की अहम बैठक हुई। लगभग एक घंटे तक चली इस बैठक में उत्तरप्रदेश के नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा हुई। इसके पहले मंगलवार को बीएल संतोष ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष के संभावित नामों पर चर्चा की थी।
बीएल संतोष ने प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद अमित शाह के साथ जेपी नड्डा और बीएल संतोष की अलग से बैठक हुई। बैठक में उत्तरप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर किस नाम पर सहमति हुई यह सामने नहीं आया है। लेकिन माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में लखनऊ में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है।
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