यूपी में बिजली कटौती पर बीजेपी विधायक की नाराजगी, ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर उठाई जनता की परेशानी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती की समस्या को लेकर अब सत्तारूढ़ दल के विधायक भी मुखर हो गए हैं। सरोजनी नगर से बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती पर गंभीर चिंता जताई है और तत्काल समाधान की मांग की है।

जनता का गुस्सा विधायकों को झेलना पड़ रहा है
विधायक राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की वजह से आम जनता का गुस्सा सीधे सांसदों और विधायकों पर निकलता है, जबकि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं और इस बार भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।

पांच पावरहाउस क्षेत्रों में ज्यादा समस्या
पत्र में विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के पांच पावरहाउस का उल्लेख किया है, जिनके अंतर्गत आने वाले इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली कटौती की समस्या देखी जा रही है। उन्होंने ऊर्जा विभाग से मांग की है कि इन क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं।

विदेशों के मॉडल का दिया उदाहरण
राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में बिजली वितरण प्रणाली में सुधार के लिए विदेशों के उदाहरणों का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली का आवंटन और वितरण अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सके।

बिजली की मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड
देशभर में बढ़ते तापमान के बीच बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। विद्युत मंत्रालय के अनुसार बुधवार को देश में अधिकतम बिजली मांग 265.44 गीगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। मंत्रालय ने बताया कि यह लगातार तीसरा दिन है जब बिजली मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया है।

270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान
सरकारी अनुमान के अनुसार इस गर्मी के दौरान बिजली की मांग 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने भी उत्तर और मध्य भारत में लू और भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

दिल्ली में भी बढ़ी बिजली खपत
दिल्ली में भी बिजली की मांग इस मौसम में पहली बार 8,000 मेगावाट के पार पहुंच गई, जो बढ़ते तापमान और एयर कंडीशनर व कूलर के अधिक उपयोग का परिणाम बताया जा रहा है।


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