पशुपालकों को बड़ी राहत, हर विकास खंड में खुलेंगे पशु औषधि केंद्र, सस्ती दरों पर मिलेंगी दवाएं

लखनऊ, 5 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड में पशु औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां पशुओं के इलाज के लिए जरूरी दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध होंगी। यह केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर संचालित किए जाएंगे, जिससे पशुपालकों को महंगी दवाओं से राहत मिल सके।

सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पशुपालकों को समय पर दवाएं मिलें और पशुओं के उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो। पशु औषधि केंद्रों की स्थापना से पशुपालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।

पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए ये दस्तावेज होंगे जरूरी

लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदक को कुछ अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसमें फार्मासिस्ट का नाम और उसका वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण पत्र और ड्रग सेल लाइसेंस शामिल है। इन शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही केंद्र संचालन की अनुमति दी जाएगी।

ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया, तय किया गया शुल्क

डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पशु औषधि केंद्र स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को 5000 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी भारत सरकार के पोर्टल http://pashuaushadhi.dahd.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों से जुड़े योग्य लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह योजना भारत सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के तहत संचालित होगी। पशु औषधि केंद्रों के जरिए पशुपालकों को समय पर सस्ती दवाएं मिलेंगी, जिससे पशुधन की सेहत बेहतर होगी और पशुपालन को आय का मजबूत साधन बनाया जा सकेगा।

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