बजट सत्र में गरजेगा SIR का सवाल, विपक्ष के हमलों से पहले CM योगी ने मंत्रियों को दिया सख्त होमवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में इस बार सियासी तापमान काफी ऊंचा रहने वाला है। योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने जा रही है, वहीं विपक्ष पहले से ही आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुका है। समाजवादी पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि सदन में SIR और खासतौर पर फार्म-7 के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि इसके जरिए बड़े पैमाने पर वोट कटौती का षड्यंत्र रचा गया है।

SIR और फार्म-7 पर सरकार को घेरने की तैयारी

विपक्ष का फोकस SIR की प्रक्रिया और उससे जुड़े फार्म-6 व फार्म-7 पर रहेगा। सपा इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाने की तैयारी में है। इसे देखते हुए सत्तापक्ष भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और विधायकों को हर सवाल का तथ्यों के साथ जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

UGC, महोबा विवाद और जनसमस्याएं बन सकती हैं हथियार

सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष यूजीसी से जुड़े मुद्दे को भी हवा दे सकता है। इसके अलावा महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को उनके ही विधायक द्वारा घेरने का मामला भी सदन में उठाया जा सकता है। बिजली, पानी, सड़क, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे भी विपक्ष की रणनीति का अहम हिस्सा होंगे।

CM योगी का सख्त संदेश, तैयारी के साथ सदन में आएं मंत्री

सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और विधायकों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तैयारी के साथ सदन में आएं। साथ ही शाम के समय मोबाइल के जरिए SIR की नियमित मॉनिटरिंग करने को भी कहा गया है, ताकि किसी भी सवाल या भ्रम का तुरंत जवाब दिया जा सके।

पिछले बजट और अनुपूरक बजट का लेखा-जोखा रखने के निर्देश

भाजपा नेतृत्व ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से कहा है कि वे पिछले बजट और उसके बाद आए अनुपूरक बजट से जुड़े आंकड़ों को पूरी तरह तैयार रखें। किस योजना के लिए कितना बजट आवंटित हुआ और उसका क्षेत्रवार उपयोग कैसे हुआ, इसकी जानकारी सदन में मजबूती से रखने को कहा गया है।

नौ लाख करोड़ से ज्यादा का हो सकता है बजट, विकास विजन पर जोर

पार्टी के संकेतों के अनुसार इस बार बजट का आकार नौ लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के भाषणों में विकास का स्पष्ट और ठोस विजन नजर आना चाहिए। सरकार चाहती है कि आंकड़ों के साथ अपनी उपलब्धियों को मजबूती से पेश किया जाए।

जलशक्ति मिशन पर भी रहेगी सत्तापक्ष की नजर

जलशक्ति मिशन को लेकर भाजपा विधायक बृजभूषण, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान द्वारा लगाए गए आरोपों को विपक्ष भुना सकता है। इसे देखते हुए सरकार ने आंकड़ों और उदाहरणों के साथ यह साबित करने की रणनीति बनाई है कि जलशक्ति मिशन पूरी तरह सफल रहा है।

फील गुड रिपोर्ट और निवेश का रोडमैप पेश करेगी सरकार

सरकार सड़क, बिजली, पानी और अपराध नियंत्रण को लेकर फील गुड फैक्टर वाली रिपोर्ट सदन में रखेगी। इसके साथ ही फार्मा हब, एआई हब, मेडिकल डिवाइस पार्क और विभिन्न सेक्टरों में हुए निवेश एमओयू का पूरा खाका पेश किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह भी जानकारी दी है कि बजट सत्र के दौरान विशेष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया जाएगा।

Related posts