सेना और आम नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के उपायों से स्थिति में धीरे-धीरे हो रहा सुधार
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर भारत के थल सेना प्रमुख ने अहम बयान दिया । उन्होंने सैन्य कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की तत्परता और रणनीतिक स्पष्टता को दिखाया है। देश की उत्तरी सीमा पर मौजूदा स्थिति के बारे में सेना प्रमुख ने कहा, फिलहाल हालात स्थिर बने हुए हैं। लेकिन सुरक्षाबलों का निरंतर सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सेना और आम नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के उपायों से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
सेना प्रमुख ने चीन के साथ लगती सीमा पर बरते जाने वाले एहतियात को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने चीनी सीमा पर मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, हमारी सैन्य तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तानी दहशतगर्दों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली कार्रवाई के बारे में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को सटीकता से अंजाम दिया गया।

बता दें कि भारतीय सेना ने बीते वर्ष 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। करीब 22 मिनट की इस कार्रवाई के दौरान नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की गई थी।
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उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद निर्णायक जवाबी कार्रवाई का स्पष्ट निर्णय सर्वोच्च स्तर पर लिया गया। सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक रणनीति को अंजाम दिया। 7 मई को 22 मिनट के भीतर आतंकी ढांचों को ध्वस्त किया गया। बकौल सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी, ‘आतंकवाद के खिलाफ 7-10 मई के बीच 88 घंटों का ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया। इस सुनियोजित अभियान के तहत सेना ने नौ में से सात आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया । ‘उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर लंबे समय से चली आ रही परमाणु संबंधी बयानबाजी का भी जवाब दिया।
ऑपरेशन सिंदूर ने रणनीतिक धारणाओं को बदलने के साथ-साथ पाकिस्तान की कार्रवाइयों का माकूल जवाब देने में अहम भूमिका निभाई है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, पाकिस्तान ने साल 2025 में 139 बार संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन किया । सीजफायर का उल्लंघन 124 मौकों पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ । इसके अलावा पिछले साल संघर्षविराम उल्लंघन की कोई भी बड़ी घटना सामने नहीं आई।
