’16 घंटे काम करना पड़े तो करूंगी…’, मां बनने के बाद काम और परिवार के बीच संतुलन पर अदिति शर्मा ने कही दिल की बात

मुंबई: अभिनेत्री अदिति शर्मा ढाई साल के ब्रेक के बाद टीवी पर वापसी कर रही हैं। रणवीर सिंह के साथ फिल्म ‘लेडीज वर्सेज रिकी बहल’ में नजर आ चुकीं अदिति अब कलर्स के शो ‘शायद यही है प्यार’ में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। दो बच्चों की मां अदिति के लिए यह वापसी सिर्फ अभिनय में लौटने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी पहचान और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने का भी अनुभव है। हाल ही में उन्होंने टीवी पर काम के लंबे घंटों, मां बनने के बाद महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और पति सरवर आहूजा के सहयोग पर खुलकर बात की।

महिलाओं के संघर्ष को पर्दे पर लाना चाहती हैं अदिति

अदिति शर्मा ऐसी भूमिकाएं निभाना पसंद करती हैं, जिनमें महिला किरदार की अपनी पहचान और संघर्ष को जगह मिले। उनका मानना है कि किसी भूमिका को चुनने के लिए कहानी और सही समय का मेल जरूरी है। वह ऐसे किरदार करना चाहती हैं, जिन्हें निभाना आसान न हो और जिनसे दर्शक खुद को जोड़ सकें।

अपने नए शो में अदिति 35 साल की ऐसी महिला का किरदार निभा रही हैं, जिसकी शादी नहीं हुई है। समाज की ओर से उसे करियर छोड़कर पहले शादी करने की सलाह दी जाती है। अदिति को लगता है कि इस तरह की कहानी आज की कई महिलाओं की वास्तविक जिंदगी से जुड़ती है। वह महिला प्रधान और कई परतों वाले किरदारों के जरिए आधुनिक महिलाओं की चुनौतियों को दिखाना चाहती हैं।

शादी और मां बनने के बाद भी मिल रहा है काम

अदिति के मुताबिक, मनोरंजन जगत में पहले बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के लिए काम के अवसर कम होने की समस्या रही है, लेकिन अब कुछ बदलाव दिखाई दे रहे हैं। वरिष्ठ अभिनेत्रियों के लिए भी भूमिकाएं लिखी जा रही हैं और शादी या मां बनने के बाद भी महिलाएं अपने पेशे में आगे बढ़ सकती हैं।

अदिति खुद दो बच्चों की मां हैं और इसके बावजूद अभिनय में सक्रिय हैं। उनका कहना है कि महिलाओं को शादी और मातृत्व के नाम पर सीमित दायरों में बांधना सही नहीं है। उनके अनुसार, महिलाओं को अपनी पसंद और पेशेवर जीवन के बारे में फैसले लेने की आजादी मिलनी चाहिए।

‘जरूरत पड़ी तो 16 घंटे भी काम करना होगा’

टीवी पर काम करने के समय को लेकर अदिति का नजरिया व्यावहारिक है। उन्होंने कहा कि टेलीविजन का कामकाज दूसरे माध्यमों से अलग होता है। अगर वह पहले से तय कर लें कि इतने ही घंटे काम करेंगी और किसी वजह से प्रसारण का काम प्रभावित हो जाए, तो पूरी टीम को नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में जरूरत पड़ने पर 16 घंटे तक काम करना भी पड़ सकता है।

अदिति की बेटी अभी दो साल की भी नहीं हुई हैं, फिर भी वह काम पर लौट आई हैं। उन्होंने इसके लिए अपने पति और अभिनेता सरवर आहूजा के सहयोग को अहम बताया। अदिति के मुताबिक, उनके पति ने उनकी वापसी के लिए अपने काम से भी कुछ समय के लिए पीछे हटने का फैसला किया, ताकि बच्चों की देखभाल ठीक से हो सके।

पति सरवर आहूजा के सहयोग से लौटीं काम पर

अदिति ने बताया कि ढाई साल तक उन्होंने अभिनय से दूरी बनाए रखी थी। उस दौरान सरवर काम कर रहे थे, लेकिन जब अदिति ने नया शो स्वीकार किया तो उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी साझा करने के लिए अपने काम को प्राथमिकता देना कुछ समय के लिए कम कर दिया।

अदिति का मानना है कि बच्चों की देखभाल के लिए माता-पिता में से किसी एक का उनके पास होना जरूरी है। बच्चों को किसी और के भरोसे छोड़कर काम पर लौटना हर परिवार के लिए आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कई सहेलियां कॉरपोरेट क्षेत्र में काम करती हैं, लेकिन बच्चों के जन्म के बाद काम पर वापस नहीं लौट पाईं। उनके अनुभव में, परिवार का सहयोग महिलाओं के करियर को जारी रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।

फिल्मों के बजाय टीवी चुनने के फैसले पर क्या बोलीं अदिति?

अदिति ने साल 2015 में टीवी शो ‘गंगा’ के साथ काम किया था। उसी साल उनकी पहली पंजाबी फिल्म ‘अंग्रेज’ भी सफल रही थी। उस समय वह हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम कर रही थीं। कई लोगों ने उनसे सवाल किया कि फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्होंने टेलीविजन क्यों चुना।

अदिति के मुताबिक, वह ऐसी भूमिकाएं तलाश रही थीं, जिनमें अभिनय करने के लिए पर्याप्त गुंजाइश हो। उन्हें बड़े बजट की फिल्मों का हिस्सा बनने से ज्यादा ऐसा किरदार पसंद था, जिसमें वह अपनी प्रतिभा दिखा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए सिर्फ स्क्रीन पर ज्यादा समय दिखना मायने नहीं रखता, बल्कि किरदार की अहमियत और कहानी में उसका योगदान ज्यादा जरूरी है।

समय के साथ प्यार को समझने का नजरिया भी बदला

अपने शो ‘शायद यही है प्यार’ के संदर्भ में अदिति ने प्यार को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेज के दिनों में किसी को पसंद करने पर होने वाली हलचल को ही प्यार समझ लिया जाता था। लेकिन उम्र और अनुभव के साथ प्यार का अर्थ और गहरा होता गया।

अदिति और सरवर आहूजा ने शादी से पहले लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट किया था। अब उन्हें लगता है कि समय के साथ उनके रिश्ते में प्यार और समझ दोनों बेहतर हुए हैं। उनके लिए अब प्यार का मतलब एक-दूसरे को समझना, खयाल रखना और साथ मिलकर जिम्मेदारियां निभाना भी है।

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