नई दिल्ली: देशभर में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले सप्ताह अच्छी बारिश के बाद अब वर्षा की गतिविधियों में कमी आई है, जिसके चलते देश में मानसूनी बारिश का संचयी घाटा बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में सोमवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान व्यक्त किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। आने वाले दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पूरे सप्ताह छिटपुट बारिश होने की संभावना है। राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर रहने के कारण मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं धूल भरी तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी
बिहार में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी व्यापक वर्षा का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में सप्ताह के अंत तक कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ, तटीय कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
बारिश का घाटा बढ़कर 18 प्रतिशत
मौसम विभाग के अनुसार, जून के अंत में देशभर में बारिश का घाटा 40 प्रतिशत था, जो 9 जुलाई तक घटकर 14 प्रतिशत रह गया था। लेकिन हाल के दिनों में मानसून की गति कमजोर पड़ने से यह घाटा फिर बढ़कर रविवार तक 18 प्रतिशत हो गया।
आईएमडी का अनुमान है कि अगले छह से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। इसका असर खरीफ फसलों की बुआई पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कई कृषि क्षेत्र अब भी मानसूनी वर्षा पर निर्भर हैं।
मौजूदा स्थिति में बिहार, झारखंड, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत 15 राज्यों में 1 जून से 12 जुलाई के बीच सामान्य से 20 से 73 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में दर्ज की गई है, जहां बारिश का घाटा 37 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
