TMC में बढ़ती बगावत से ममता की टेंशन हाई! 65 तक पहुंच सकती है बागी विधायकों की संख्या, कई करीबी नेताओं पर भी नजर

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी हलचल थमती नजर नहीं आ रही है। पार्टी के कांग्रेस में संभावित विलय की अटकलों के बीच अब बागी विधायकों की बढ़ती संख्या ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी से नाराज विधायकों का आंकड़ा जल्द ही 65 तक पहुंच सकता है, जिसमें कई प्रभावशाली और करीबी नेताओं के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

बागी खेमे की ताकत बढ़ने का दावा

रिपोर्टों के मुताबिक, बागी विधायकों के समूह का दावा है कि उनके साथ आने वाले नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बागी विधायक दल के प्रमुख माने जा रहे रिताब्रता बनर्जी ने कहा है कि उनके समूह में शामिल विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 65 तक पहुंच सकता है।

उन्होंने दावा किया कि उनके गुट को बड़ी संख्या में विधायकों और सांसदों का समर्थन प्राप्त है तथा वे तृणमूल कांग्रेस के नाम और बैनर के तहत ही आगे काम करते रहेंगे।

‘हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं’

रिताब्रता बनर्जी ने विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका गुट ही वास्तविक तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका समूह कांग्रेस में विलय के पक्ष में नहीं है।

उन्होंने कहा, “हमारे साथ विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि एक और विधायक हमारे साथ आता है तो संख्या 65 तक पहुंच जाएगी। ऐसे में असली तृणमूल कांग्रेस कौन है, यह साफ हो जाएगा।”

फिरहाद हाकिम को लेकर भी चर्चाएं तेज

पार्टी के भीतर चल रही उठापटक के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले विधायक और पूर्व मेयर फिरहाद हाकिम भी नाराज नेताओं के संपर्क में हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

सोनिया-ममता मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें

राजनीतिक चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद दोनों दलों के संभावित विलय को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया।

हालांकि, बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी किसी भी पक्ष की ओर से साझा नहीं की गई।

कांग्रेस और TMC ने किया खंडन

विलय की अटकलों पर कांग्रेस ने साफ तौर पर इनकार किया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात व्यक्तिगत विषयों को लेकर थी और इसे राजनीतिक रूप से नहीं देखा जाना चाहिए।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने भी इन चर्चाओं को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पार्टी के पास ऐसी किसी प्रक्रिया या प्रस्ताव की कोई जानकारी नहीं है।

लगातार बढ़ रही हैं ममता की चुनौतियां

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बागी तेवर सामने आए हैं। राज्यसभा से इस्तीफों, सांसदों के अलग रुख और अब विधायकों की बढ़ती नाराजगी ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

Related posts