काम की खबर: खेत तालाब योजना में किसानों को मिल रहा 52,500 रुपये का अनुदान, जानिए आवेदन से लेकर चयन तक पूरी प्रक्रिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में योगी सरकार की ‘खेत तालाब योजना’ किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत किसानों को 52,500 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि किसान सिर्फ खेती तक सीमित न रहें, बल्कि मत्स्य पालन और जलीय खेती जैसी गतिविधियों से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।

तालाब निर्माण पर सरकार दे रही आधी लागत

इस योजना के तहत किसानों के खेत में 22 मीटर × 20 मीटर × 3 मीटर आकार का तालाब बनाया जाता है। तालाब निर्माण की कुल लागत 1,05,000 रुपये तय की गई है, जिसमें से 52,500 रुपये सरकार अनुदान के रूप में दे रही है। यानी योजना की आधी लागत सरकार खुद वहन कर रही है।

इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी योजना का लाभ लेने में आसानी हो रही है।

सिंचाई के साथ बढ़ेंगे कमाई के दूसरे रास्ते

खेत तालाब योजना सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है। तालाब बनने के बाद किसान उसमें मत्स्य पालन, मोती उत्पादन, सिंघाड़ा उत्पादन और अन्य जलीय खेती कर सकते हैं। इससे किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार हो रहे हैं।

इसके साथ ही सरकार आधुनिक सिंचाई व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रही है। योजना के तहत स्प्रिंकलर सेट पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जबकि पम्पसेट पर 15 हजार रुपये या 50 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

ऑनलाइन होगी बुकिंग, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन

सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। किसानों का चयन ‘प्रथम आवक-प्रथम पावक’ यानी पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल ‘एग्री दर्शन’ पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। इससे किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी।

दो चरणों में मिलेगी अनुदान राशि

सरकार की ओर से अनुदान राशि दो किस्तों में जारी की जाएगी।

पहली किस्त तालाब की खुदाई पूरी होने के बाद दी जाएगी।
दूसरी किस्त पानी आने का रास्ता यानी इनलेट और डिस्प्ले बोर्ड लगने के बाद जारी होगी।

ये दस्तावेज होंगे जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसान की फार्मर रजिस्ट्री होना अनिवार्य है। आवेदन के समय 1000 रुपये की टोकन राशि भी जमा करनी होगी, जिसे बाद में वापस कर दिया जाएगा।

बुकिंग के 15 दिन के भीतर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी, जबकि 30 दिन के अंदर तालाब निर्माण का काम पूरा करना होगा।

आत्मनिर्भर खेती की दिशा में बड़ा कदम

भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार खेती को तकनीक आधारित और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दे रही है। खेत तालाब योजना से किसानों की मौसम पर निर्भरता कम हो रही है और फसलों की उत्पादकता में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रदेश के हजारों किसान इस योजना का लाभ लेकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।

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