मिडिल ईस्ट में नई हलचल! इजरायल ने कहा- नेतन्याहू ने की गुप्त UAE यात्रा, अमीरात ने तुरंत किया खंडन

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बयानों की जंग ने नई हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ इजरायल ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान गुप्त रूप से UAE का दौरा किया था, वहीं दूसरी ओर यूएई ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

इजरायल और UAE के परस्पर विरोधी बयानों के बाद क्षेत्रीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पहले से ही ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है।

इजरायल ने क्या किया दावा?

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार रात जारी बयान में कहा गया कि ईरान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी।

बयान में दावा किया गया कि इस दौरान नेतन्याहू ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इजरायल ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया।

यूएई ने तुरंत किया खंडन

इजरायल के इस दावे के कुछ ही समय बाद UAE के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरी खबर को निराधार बताया।

यूएई ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कथित यात्रा या किसी इजरायली सैन्य प्रतिनिधिमंडल के स्वागत से जुड़ी खबरें गलत हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इजरायल के साथ यूएई के संबंध पूरी तरह सार्वजनिक और आधिकारिक हैं तथा वे अब्राहम समझौते के तहत संचालित होते हैं।

यूएई ने कहा कि किसी भी अघोषित यात्रा या गुप्त समझौते से जुड़ा दावा तथ्यों पर आधारित नहीं है।

मीडिया को भी दी चेतावनी

यूएई के विदेश मंत्रालय ने मीडिया संस्थानों से भी अपील की कि वे अपुष्ट खबरें प्रसारित करने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। मंत्रालय ने कहा कि भ्रामक राजनीतिक बयानबाजी से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

मिडिल ईस्ट में पहले से तनावपूर्ण हालात

मिडिल ईस्ट पहले ही गंभीर तनाव के दौर से गुजर रहा है। हाल के दिनों में ईरान और इजरायल के बीच टकराव ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। ईरान ने यूएई समेत कई खाड़ी देशों की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिसके बाद हालात और संवेदनशील हो गए थे।

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हो चुकी है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे समय में इजरायल और यूएई के बीच सामने आए विरोधाभासी बयान नई कूटनीतिक बहस को जन्म दे रहे हैं।

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