नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के मैदान पर दिखने वाले आक्रामक अंदाज को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। सवाल यह उठता रहा है कि क्या उनका जोश और एग्रेशन असली है या सिर्फ कैमरे के सामने दिखाया जाने वाला अंदाज? इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इस पूरे विवाद पर बड़ा बयान दिया है, जिसने नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
‘कोहली का एग्रेशन दिखावा नहीं, स्वभाव है’
नई दिल्ली: स्पोर्टस्टार के इनसाइट एज पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान संजय मांजरेकर ने साफ कहा कि विराट कोहली का मैदान पर आक्रामक रवैया किसी कैमरा प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उनके स्वभाव का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोहली को अंडर-19 स्तर से खेलते देखा है और उनका यह जुनून हमेशा से एक जैसा रहा है।
‘गुस्से में बेहतर खेलते हैं विराट’
मांजरेकर ने कहा कि कई लोग मानते हैं कि विराट कोहली का एग्रेशन दिखावा है, लेकिन वह इस राय से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार जब कोहली मैदान पर गुस्से या प्रतिस्पर्धा की स्थिति में होते हैं, तो उनका प्रदर्शन और बेहतर हो जाता है। यह उनकी बल्लेबाजी और मैच के प्रति मानसिकता का हिस्सा है।
आक्रामकता को लेकर हमेशा चर्चा में रहे कोहली
विराट कोहली का मैदान पर हर छोटी-बड़ी घटना पर आक्रामक प्रतिक्रिया देना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। चाहे सामान्य विकेट हो या बड़े मैच का अहम पल, उनका जोश हमेशा चरम पर नजर आता है। यही कारण है कि कुछ लोग इसे कैमरे के लिए किया गया व्यवहार मानते हैं, जबकि कई इसे उनकी प्रतिस्पर्धी मानसिकता का हिस्सा बताते हैं।
37 साल की उम्र में भी जबरदस्त एनर्जी
मांजरेकर ने विराट कोहली की फिटनेस और एनर्जी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि 37 साल की उम्र में भी जिस तरह कोहली मैदान पर दौड़ते, फील्डिंग करते और हर मौके पर ऊर्जा दिखाते हैं, वह हैरान करने वाला है। आमतौर पर इस उम्र में खिलाड़ी थोड़ा शांत हो जाते हैं, लेकिन कोहली का जोश अब भी कम नहीं हुआ है।
आलोचनाओं को लेकर संवेदनशील भी हैं कोहली
पूर्व क्रिकेटर ने यह भी कहा कि बाहर से बेहद आत्मविश्वासी दिखने वाले विराट कोहली आलोचनाओं को लेकर काफी संवेदनशील हैं। उनके मुताबिक यह भी उनके व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो उन्हें और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है।
