मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ जारी तनाव के बीच इजरायल के विदेश मंत्री गिडोन सारा ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात और ईरान के आक्रामक कदमों पर चर्चा की। गिडोनसार ने इस बातचीत के बिंदुओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया।
वार्ता में उठाए गए मुख्य मुद्दे
इजरायली विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा कि उन्होंने जयशंकर को ईरानी शासन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और उसमें हो रहे हालिया घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ईरान हार्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक आतंकवाद कर रहा है और यह केवल अमेरिका या इजरायल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्या है। गिडोनसार ने चेतावनी दी कि अगर इसे तुरंत नहीं संभाला गया तो इसका असर दुनिया भर में फैल सकता है।
ईरानी हमलों को इजरायल ने बताया पागलपन
गिडोनसार ने आगे कहा कि ईरानी शासन ने मध्य पूर्व, काकेशस और यूरोप के कई देशों के खिलाफ आक्रामक कदम उठाए हैं। उन्होंने इसे “पागलपन भरा व्यवहार” बताया। वहीं भारत के साथ उनकी रणनीतिक साझेदारी को विशेष महत्व देने की बात भी कही।
भारत और ईरान के बीच रणनीतिक साझेदारी
हालांकि, भारत और ईरान लंबे समय से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के रिश्ते मजबूत माने जाते हैं। भारत ने हमेशा क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और द्विपक्षीय सहयोग को महत्व दिया है। इस बीच, भारत और इजरायल के बीच भी पीएम नरेंद्र मोदी और इजरायाहू नेतन्याहू के मजबूत व्यक्तिगत संबंधों के चलते सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
