Hyundai Creta खरीदने से पहले जान लें सैलरी का गणित, डाउन पेमेंट से EMI तक पूरा हिसाब

भारत में SUV सेगमेंट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच Hyundai Creta मिडिल और अपर मिडिल क्लास के बीच सबसे पसंदीदा कारों में शुमार हो चुकी है। शानदार डिजाइन, फीचर्स और आराम के चलते यह कार अब स्टेटस सिंबल बन गई है। लेकिन इसे खरीदने से पहले सबसे जरूरी सवाल यही होता है कि आपकी कमाई कितनी होनी चाहिए और हर महीने जेब पर कितना बोझ पड़ेगा।

कीमत कितनी है और ऑन-रोड खर्च कितना बैठेगा

Hyundai Creta की एक्स-शोरूम कीमत करीब 10.79 लाख रुपये से शुरू होकर 20.20 लाख रुपये तक जाती है। अगर इसके सबसे ज्यादा बिकने वाले S या SX वेरिएंट की बात करें, तो टैक्स, इंश्योरेंस और अन्य चार्ज जोड़ने के बाद इसकी ऑन-रोड कीमत लगभग 13.50 लाख से 16 लाख रुपये के बीच बैठती है।

डाउन पेमेंट का कितना रखना होगा इंतजाम

आमतौर पर बैंक कार की कीमत का 80 से 90 प्रतिशत तक लोन देते हैं। ऐसे में अगर आप करीब 15 लाख रुपये की Creta खरीदते हैं, तो आपको लगभग 20 प्रतिशत यानी करीब 3 लाख रुपये डाउन पेमेंट के तौर पर देने होंगे। बाकी 12 लाख रुपये का लोन बैंक से लिया जा सकता है।

EMI का पूरा गणित समझिए

अगर 12 लाख रुपये का लोन 9 प्रतिशत ब्याज दर पर 4 साल (48 महीने) के लिए लिया जाता है, तो आपकी मासिक EMI करीब 29,862 रुपये बनेगी। इस अवधि में कुल मिलाकर करीब 2.33 लाख रुपये ब्याज के रूप में चुकाने होंगे।

कितनी होनी चाहिए आपकी सैलरी

फाइनेंशियल प्लानिंग के 20/4/10 नियम के अनुसार, आपकी कार की EMI आपकी इन-हैंड सैलरी के 10 से 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस हिसाब से अगर आपकी EMI करीब 30 हजार रुपये है, तो आपकी मासिक सैलरी कम से कम 2 लाख से 2.5 लाख रुपये के बीच होनी चाहिए।

अगर आपकी सैलरी 1 लाख से 1.25 लाख रुपये के बीच है, तो बेहतर होगा कि आप ज्यादा डाउन पेमेंट यानी 6 से 7 लाख रुपये दें, ताकि EMI कम हो सके और मासिक बजट पर ज्यादा दबाव न पड़े।

खरीदने से पहले इन खर्चों को नजरअंदाज न करें

कार खरीदना सिर्फ EMI भरने तक सीमित नहीं है। हर महीने पेट्रोल या डीजल और सर्विसिंग पर 5,000 से 8,000 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ सकता है। इसके अलावा हर साल 30 से 50 हजार रुपये तक का इंश्योरेंस प्रीमियम भी देना होगा। साथ ही, अगर आपका सिबिल स्कोर 750 से ज्यादा है, तो आपको कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है, जिससे आपकी EMI कम हो सकती है।

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