नीम के पत्ते स्वाद में भले ही कड़वे लगते हों, लेकिन औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इन्हें पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। ग्रामीण इलाकों में घरों के आसपास नीम के पेड़ आमतौर पर देखे जाते हैं और लोग दातुन से लेकर पत्तियां चबाने तक इसका उपयोग करते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि नीम शरीर की कई समस्याओं में सहायक हो सकता है, जैसे शुगर कंट्रोल, खून की सफाई और त्वचा की देखभाल।
नीम के पत्तों में मौजूद पोषक तत्व और गुण
नीम की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकते हैं। इन्हें चबाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इन पत्तों में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फ्लेवोनॉइड्स और विटामिन C जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक
नियमित रूप से नीम की पत्तियां खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है, जिससे मौसमी संक्रमण और वायरल बीमारियों का खतरा कम होने में मदद मिलती है।
त्वचा की समस्याओं में राहत
नीम के सेवन से खून साफ रहने में मदद मिलती है, जिससे पिंपल्स, एक्ने और एलर्जी जैसी स्किन समस्याओं में लाभ हो सकता है। पत्ते चबाने से त्वचा साफ और चमकदार रहने में सहायक माना जाता है।
ब्लड शुगर नियंत्रण में मददगार
डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए नीम की पत्तियां लाभकारी बताई जाती हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक हो सकती हैं और ग्लूकोज स्तर कम करने में मदद करती हैं।
पाचन तंत्र को करता है मजबूत
कब्ज, गैस या पेट फूलने जैसी समस्याओं में नीम की पत्तियां उपयोगी मानी जाती हैं। यह पेट में मौजूद कीड़ों को खत्म करने में मदद कर सकती हैं और भूख बढ़ाने के साथ पाचन बेहतर बनाती हैं।
मुंह और दांतों की सफाई में असरदार
नीम की दातुन करना पारंपरिक रूप से दांतों और मसूड़ों के लिए लाभकारी माना जाता है। पत्तियां चबाने से सांस की बदबू कम हो सकती है और मुंह के बैक्टीरिया घट सकते हैं, जिससे मसूड़ों की सूजन और छालों में राहत मिल सकती है।
एक दिन में कितने नीम के पत्ते खाने चाहिए
विशेषज्ञों के अनुसार सुबह खाली पेट 4 से 5 या अधिकतम 7 से 8 नीम की पत्तियां चबाई जा सकती हैं। शुरुआत में स्वाद ज्यादा कड़वा लग सकता है, इसलिए ताजी और नई पत्तियां लेना बेहतर माना जाता है क्योंकि वे अपेक्षाकृत कम कड़वी होती हैं। कड़वाहट कम करने के लिए सेवन के बाद गुनगुना पानी पी सकते हैं। यदि रोजाना संभव न हो तो सप्ताह में 3–4 दिन सेवन करने से भी लाभ मिल सकता है।
