CM धामी की सख्ती का असर: उत्तराखंड में ओवरलोड वाहनों पर 24 घंटे का अभियान, लापरवाही पर सीधे जिम्मेदार होंगे थाना प्रभारी

रुद्रपुर। उत्तराखंड की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार और ओवरलोड डंपरों के बढ़ते खतरे पर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा कड़ा संज्ञान लेने के बाद पुलिस महकमे को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि ओवरलोड, ओवरस्पीड, ड्रिंक एंड ड्राइव और अनफिट वाहनों के खिलाफ 24 घंटे अभियान चलाया जाए।

जिले में पिछले एक महीने के भीतर डंपरों और ओवरलोड वाहनों की तेज रफ्तार ने कई परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों को देखते हुए सख्ती की मांग तेज हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है।

रुद्रपुर से खटीमा तक सख्त संदेश

शनिवार को ऊधम सिंह नगर कार्निवाल में शामिल होने रुद्रपुर पहुंचे मुख्यमंत्री रात में खटीमा रवाना हो गए और अपने आवास पर रात्रि विश्राम किया। रविवार सुबह उन्होंने जिले के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Ajay Ganpati को तलब कर सड़कों पर बेलगाम रफ्तार पर तुरंत लगाम लगाने और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही एसएसपी गणपति ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विस्तृत रोडमैप तैयार कराया और जिला मुख्यालय लौटते ही सभी पुलिस क्षेत्राधिकारियों, कोतवालों और थानाध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए।

डेंजर स्पॉट चिन्हित, 24 घंटे निगरानी का आदेश

एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जिन मार्गों से सर्वाधिक ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। साथ ही दुर्घटना संभावित ‘डेंजर स्पॉट’ की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। जिलेभर में 24 घंटे मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके लिए अलग-अलग ग्रुप बनाकर रोजाना अपडेट देने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि किसी थाना क्षेत्र में ओवरलोड, ओवरस्पीड या ड्रिंक एंड ड्राइविंग के कारण दुर्घटना होती है, तो संबंधित थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद प्रशासनिक अमले में स्पष्ट संदेश है कि सड़क सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि इस 24 घंटे के अभियान से जिले की सड़कों पर दौड़ रहे ‘यमदूत’ डंपरों की रफ्तार पर कितना असर पड़ता है।

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